विभिन्न खदानों से हर दिन 50 ट्रक चोरी का कोयला हो रहा पार, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी इस प्रकार के अवैध कार्यों पर रोक नहीं लगने से सरकार की हो रही छवि खराब और पुलिस की हो रही किरकिरी


कोरबा (पुष्पेन्द्र. श्रीवास वायरलेस न्यूज़.) इन दिनों कोरबा जिले में कोल माफिया का बोलबाला है जो भोले-भाले ग्रामीणों को पैसे की लालच देकर काले हीरे की अलग-अलग कोयला खदानों से चोरी करवा रहा है जिले में कोल माफिया का एक पूरा गैंग अलग-अलग कोयला खदानों में सक्रिय है जो ग्रामीणों द्वारा चोरी किए गए कोयले को इकट्ठा कर ट्रकों से खुलेआम सप्लाई करता है इसके साथ साथ खदानों में कोल माफिया के लोग भी मौजूद हैं जो रात को पूरा ट्रक का ट्रक चोरी का कोयला निकाल रहे हैं सूत्रों की माने तो कोरबा जिले में एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा सहित सीसीएल दीपका, एसईसीएल कुसमुंडा एसईसीएल बुडबुड सरईपाली सहित अनेक कोयला खदानों से हर रोज लगभग 50 ट्रक से ज्यादा कोयले की चोरी की जा रही है जिसे रोकने में खदान की सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ के जवान खदानों की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा गार्ड व पुलिस सभी इस काले हीरे की चोरी को नहीं रोक पा रहे,

एक ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अवैध कार्यों पर रोक लगाने कड़े निर्देश दिए हुए हैं बावजूद इसके इस प्रकार के अवैध कार्यों पर अंकुश लगाने की बजाय कोयला, कबाड़, डीजल चोरी जैसे अवैध कार्यों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है जिससे सरकार की छवि तो खराब हो ही रही है वही प्रशासन की भी किरकिरी हो रही है । वहीं राजस्व को नुकसान भी पहुंच रहा है ।

ऐसा नहीं है कि पुलिस प्रशासन कारवाही नहीं करता समय-समय पर कार्यवाही भी की जाती है लेकिन बड़ी मछली हमेशा की तरह इनके जाल में नहीं फंसती है ऐसा भी नहीं है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है कोरबा पुलिस अधीक्षक भोज राम पटेल ने अवैध कार्यों पर लगाम लगाने कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए हैं बावजूद इसके अवैध कार्य नहीं रुक रहे, कुछ दिन पूर्व जिला प्रशासन ने भी दो अवैध कोल डिपो पर प्रशासन की टीम द्वारा दबिश दी थी लेकिन सूत्रों की माने तो दोनों अवैध कोल डीपो संचालक प्रशासन की कार्यवाही के 24 घंटे बाद पुनः और अन्य अलग-अलग जगहों पर चालू हो गया है । और हर रोज नए नए कोल माफिया बंद कर निकल रहे हैं ।

अगर जिले में अवैध कार्य करने वालों को ऐसे ही छूट और संरक्षण मिलता रहा तो जिले की शांति व्यवस्था के भंग होने का खतरा मंडरा रहा है वही क्रिमिनल प्रवृत्ति के लोगों का मनोबल बढ़ रहा है जिस पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी है

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Amit Mishra - Editor in Chief
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