बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष व महापौर प्रत्याशी रहे प्रमोद नायक ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है की किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाए अभी रवि फसल का कटाई जारी है और साथ ही साथ खरीफ फसल के लिए तैयारी भी जारी है किसान अपने खेत के जुताई करने के लिए डीजल के अभाव में अपने आप को असमर्थ पा रहे हैं आज जिला और संभाग के अधिकतर पेट्रोल पंपों में डीजल उपलब्ध नहीं है और जहां डीजल दे रहे हैं वहां सिर्फ 500 या 1000 रुपए से ऊपर का डीजल नहीं दे रहे हैं इसके बावजूद डिब्बे में तो डीजल बिल्कुल भी नहीं दे रहे हैं सरकार ने इसके लिए बहुत ही शक्ति से नियम बनाया है और नियम का पालन पेट्रोल पंप मालिक बहुत गंभीरता से कर रहे हैं मैं जिला प्रशासन से मांग करता हूं की एक किसान जिनके घर से पेट्रोल पंप कहीं 15 किलोमीटर कहीं 20 किलोमीटर कहीं 25 किलोमीटर दूर है वहां पर वह ट्रैक्टर लेकर जाएगा या हार्वेस्टर को लेकर जाएगा फिर वहां उनको 10 लीटर डीजल मिलेगा तो आने-जाने में ही पूरा डीजल खत्म हो जाएगा ऐसे में किसान आने वाले भविष्य के लिए बहुत परेशान है इस देश रीड की हड्डी किसान ही होते हैं जिनके माध्यम से सारे आर्थिक गतिविधियां संचालित होती है अगर उनको डीजल नहीं देंगे तो फसल कैसे पैदा करेंगे अपने ट्रैक्टर का लोन हार्वेस्टर का लोन अन्य कामों के लिए गए कर्ज का लोन और अपने घर बार को कैसे चला पाएंगे यह बहुत ही चिंता का विषय है, प्रमोद नायक ने कहा कि जिला प्रशासन से मांग करता हूं की क्षेत्र के किसानों को ट्रैक्टर में पर्याप्त मात्रा में डीजल दिया जाए ताकि आने वाले समय में उनका फसल बर्बाद ना हो,नही उनका भविष्य खराब हो , कई किसान खाद्य विभाग से लिखित में हार्वेस्टर और ट्रैक्टर के लिए डीजल उपलब्धता के लिए अनुमति लेकर आए हैं लेकिन वह जब पेट्रोल पंप में जा रहे हैं तो पंप वाले उनको कह देते हैं कि हमारे यहां डीजल उपलब्ध नहीं है अब ऐसे में उनका अनुमति का क्या औचित्य रह जाता है जिला प्रशासन पेट्रोल पंप वालों को निर्देश दें की कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर का पंजीयन को चेक कर ले और उसके बाद उनको समुचित रूप से आवश्यकता अनुसार डीजल उपलब्ध कराया जाय , जहां अत्यंत आवश्यक हो वहां सभी तरह के कागजात चेक कर हार्वेस्टर मालिकों को और ट्रैक्टर मालिकों को डिब्बे में भी डीजल उपलब्ध कराया जाए जिससे उनको हो रही व्यावहारिक दिक्कतों से छुटकारा मिले ।।।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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