सायकल रैली के पीछे वाहनों के काफिला की मौजूदगी पर सवाल

रायगढ ( वायरलेस न्यूज़) :- महंगाई को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ सायकल रैली के जरिये विरोध प्रदर्शन को सवालों के कटघरे में खड़े करते हुए नेता प्रतिपक्ष पूंनम सोलंकी ने कहा कि सायकल रैली के पीछे सत्ता से जुड़े जनप्रतिनिधियों मंत्रियों के वाहनों का काफिला भी मौजूद रहा l जिला प्रशासन इस रैली को सफल बनाने में जुटा रहा l विरोध प्रदर्शन के बहाने शक्ति प्रदर्शन करार देते हुए नेता प्रतिपक्ष पूनम सोलंकी मीडिया को तथ्य उपलब्ध कराते हुए कहा कि जिस दिन नरेंद्र मोदी जी ने सत्ता संभाली थी उस दिन पेट्रोल का दाम 71.41 रुपये और डीजल का दाम 57.28 रुपये था वर्तमान मद पेट्रोल का दाम 100.91 और डीजल का दाम 96.94/- है l मोदी सरकार के सात वर्षीय कार्यकाल में पेट्रोल और डीजल के दामों में क्रमशः 40% और 56% परसेंट की वृद्धि हुई है l इसके मुकाबले जिस दिन मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद की शपथ लिए उस दिन डीजल 23 रुपये और पेट्रोल 36 रुपये थे l सत्ता के सात वर्षों में मनमोहन सिंह ने राज में डीजल 38 और पेट्रोल 63 रुपये हो गया l मनमोहन सरकार ने सात वर्षों में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में क्रमश 66% और 77% प्रतिशत की वृद्धि हुई l डीजल और पेट्रोल के मूल्य वृद्धि पर कांग्रेस के विरोध को हास्यास्पद बताते हुए भाजपा नेत्री ने कहा कि बाबा रामदेव की सलाह के अनुसार सायकल चलाना सेहत के लिए लाभप्रद है l आम जनता के मध्य सायकल चलाने का संदेश देना लाभकारी है l भाजपा सड़क में सायकल चलाकर सत्ता के सिंहासन तक पहुँची है और विपक्ष सत्ता खोने के दुख में सायकल चलाकर मूल्य वृद्धि बहाने विरोध दर्ज करा रहा है l छग की जनता सरकार की वादाखिलाफी से परेशान है l बढ़ता प्रदूषण बेरोजगारी भत्ता पेंशन कर्जमाफी को लेकर सरकार को वादे पूरे करना चाहिए

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Amit Mishra
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