कक्षा पहली से 8वीं तक 500 रूपए और कक्षा 9वीं से 12वीं तक एक हजार रूपए प्रति माह की छात्रवृत्ति

जिला शिक्षा अधिकारी अथवा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को किया जा सकेगा आवेदन

रायगढ़, (वायरलेस न्यूज़ 8 जून2021) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कोरोना महामारी से राज्य के मृत व्यक्तियों के बेसहारा बच्चों को नि:शुल्क स्कूली शिक्षा के साथ ही छात्रवृत्ति भी प्रदाय करने राज्य शासन द्वारा ‘छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021’ प्रारंभ की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।
जारी अधिसूचना के अनुसार योजना का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा। योजना के तहत ऐसे पात्र स्कूलों में प्रवेशित छात्रों को कक्षा पहली से 8 वीं तक 500 रूपए प्रति माह और कक्षा 9वीं से 12 वीं तक एक हजार रूपए प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विगत 18 मई को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में महतारी दुलार योजना लागू करने के संबंध में निर्णय लिया गया था।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महतारी दुलार योजना के क्रियान्वयन के संबंध में पत्र जारी कर सभी जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से ऐसे बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021 शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू की जा रही है। योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के मूल निवासी परिवारों से संबंधित बेसहारा बच्चों को मिलेगा। इस योजना की पात्रता शर्तों में ऐसे बच्चे जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हो गई हो। इसके अलावा बेसहारा बच्चे स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के लिए पात्रता रखते हों और जिनके घर में कमाने वाले व्यस्क सदस्य न रहने के कारण भरण-पोषण की समस्या हो गई हो उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
योजना के तहत पात्र पाए गए बच्चों को प्रदेश के शासकीय शालाओं में नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे पात्र बच्चों को राज्य शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी तथा उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। ऐसे बच्चे जिनके कमाने वाले माता-पिता की मृत्यु हो गई उन्हें नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। पात्र छात्रों को स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रतिभावान छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना का लाभ लेने के लिये छात्र स्वयं या अभिभावक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को सीधे आवेदन कर सकेंगे अथवा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को भी आवेदन कर सकेंगे। जिसे वे जिला शिक्षा अधिकारी के पास अग्रेषित करेंगे।

Author Profile

Amit Mishra
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *