बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) । नगर निगम के सामान्य सभा की बैठक में सत्ताधारी दल के पार्षदों ने ही जमकर हंगामा किया, जिसके कारण स्थिति बिगड़ गई। महापौर और रामा बघेल के बीच नोकझोंक हो गया और सभापति ने बघेल को एक घंटे के लिए सदन से निष्कासित कर दिया ।
नगर निगम के सामान्य सभा की बैठक गुरुवार को अजीबो-गरीब तरीके से निपटाया गया। भाजपा के पार्षद अपनी ही सरकार द्वारा शुरू किए गए स्मार्ट सिटी, सीवरेज और अमृत मिशन योजना पर सवाल खड़ा करते रहे तो कांग्रेस के पार्षद भी पीछे नहीं रहे सड़क, नाली, बिजली की समस्या को लेकर महापौर को घेरते रहे। एक समय ऐसा भी आया जब महापौर रामशरण यादव गुस्से में सदन छोड़कर बाहर निकल गए। इसका खामियाजा पार्षद रामा बघेल को भुगतना पड़ा सभापति ने उसे एक घंटे के लिए सदन से निष्कासित कर दिया।
दर असल महापौर रामशरण यादव भाजपा पार्षदों के सवालों का जवाब दे रहे थे इसी दौरान कांग्रेस के पार्षदों और एल्डरमेनों ने निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने लगे। इस दौरान महापौर रामशरण यादव और रामा बघेल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस कहासुनी के बीच महापौर यादव को गुस्सा आ गया और वो सदन छोड़कर बाहर निकल गए। माहौल बिगड़ता देख सभापति ने बैठक दो घंटे के लिए स्थगित कर दिया। बाद में महापौर ने एक-एक करके सवालों के जवाब दिए। पार्षदों ने मिट्टीतेल गली में बने स्मार्ट रोड में दुकान खोले जाने का मामला उठाया तो महापौर ने बताया कि रोड में किसी को भी दुकान खोलने की अनुमति नगर निगम की ओर से नही दी गई है उस रोड में जितनी भी दुकानें चल रही है सब अवैध है। सदन ने उन सभी दुकानों को बंद करने का प्रस्ताव पास किया ।
सदन में उन लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए और पेड़ काटकर गेट या पार्किंग बनाने वालों के खिलाफ भारी-भरकम जुर्माना करने का प्रस्ताव पास किया गया। इसी तरह भाजपा के पार्षदों ने पूछा कि अमृत मिशन योजना का लाभ शहर के लोगों को कब मिलेगा और अहिरन नदी का पानी बिलासपुर को कब तक मिलेगा। इस पर महापौर ने बताया कि अभी अहिरन से पानी आने में 8 से 10 साल लग सकता है। फिलहाल कुछ वार्डों में शहर के अंदर अमृत मिशन के पाइप लाइन से ही पानी की सप्लाई की जा रही है। प्रश्न काल समाप्त के बाद भाजपा के प्रभारी नेता प्रतिपक्ष राजेश सिंह ने 5 प्रश्न एक साथ किया। इसका जवाब महापौर रामशरण यादव दे रहें थ्ो। तभी बार-बार कांग्रेस पार्षद रामा बघ्ोल उनकी बात को काटते रहें। अध्यक्ष श्ोख नजीरूद्दीन उन्हें कई बार चेतावनी दी। लेकिन वो अनुशासनहिता करते रहें। ऐसे में अध्यक्ष श्ोख नजीरूद्दीन ने पार्षद रामा बघ्ोल को 1 घंटे के लिए सदन से निस्काषित कर दिया। रामा बघ्ोल पूरे सदन के कार्यवाही के दौरान एक नहीं कई बार अनुशासनहिता करते रहें। ये पहला मामला नहीं है कि उसको सामान्य सभा से निस्काषित किया हो। इससे पहले भाजपा के कार्यकाल में भी रामा बघ्ोल को सदन से निस्काषित किया गया है।
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