बिलासपुर( अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज़) रविवार 30 जनवरी 2022 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह मन की बात कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में 15 जनवरी को दुनिया को अलविदा कहने वाली “कालरवाली बाघिन” सुपर माम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति से प्रेम और हर जीव के लिए करुणा, ये हमारी संस्कृति भी है और सहज स्वभाव भी है। हमारे इन्हीं संस्कारों की झलक अभी हाल ही में तब दिखी, जब मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में एक बाघिन ने दुनिया को अलविदा कह दिया। इस बाघिन को लोग कालरवाली बाघिन कहते थे। वन विभाग ने इसे टी-15 नाम दिया था। इस बाघिन की मृत्यु ने लोगों को इतना भावुक कर दिया, जैसे उनका कोई अपना दुनिया छोड़ गया हो।

लोगों ने बकायदा उसका अंतिम संस्कार किया। उसे पूरे स्नेह व सम्मान के साथ विदाई दी। आपने भी ये तस्वीरें इंटरनेट मीडिया में जरूर देखी होंगी। पूरी दुनिया में प्रकृति और जीवों के लिए हम भारतीयों के इस प्यार की खूब सराहना हुई। कालरवाली बाघिन ने जीवन काल में 29 शावकों को जन्म दिया और 25 शावकों को पाला। हमने टी-15 के इस जीवन को सेलिब्रेट किया और जब उसने दुनिया छोड़ी तो उसे भावुक विदाई भी दी। यही तो भारत के लोगों की खूबी, हम हर चेतन जीव से प्रेम का संबंध बना लेते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले फेस बुक पेज पर क्रिकेट आइकन सचिन तेंदुलकर ने पेंच की कालरवाली की मौत पर दुख व्यक्त किया था। बाघिन की मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तेंदुलकर ने लिखा था कि, वन्यजीव प्रेमी और उत्साही ही समझेंगे कि जब एक राजसी बाघिन हमेशा के लिए खामोश हो जाती है तो यह कितना दिल तोड़ने वाला होता है।

सुपर माम कालरवाली 17 साल तक जीवित रही और बीमारी के कारण उसकी मौत हो गई थी। पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि एक बाघ की औसत उम्र करीब 15 से 20 साल होती है ।

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Amit Mishra
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