*मुख्यमंत्री ने नक्सलियों के कब्जे से कोबरा बटालियन के जवान को रिहा कराने वाली मध्यस्थ टीम के सदस्यों का किया अभिनंदन*

*मध्यस्थ टीम के सदस्य, जवान श्री राकेश्वर सिंह मन्हास को उनके घर सकुशल छोड़ने जम्मू जाएंगे*

रायपुर, 12 अप्रैल 2021
वायरलेस न्यूज अरुण पाढ़ी/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में नक्सलियों के कब्जे से रिहा हुए कोबरा बटालियन के जवान श्री राकेश्वर सिंह मन्हास और उन्हें रिहा कराने वाली मध्यस्थ टीम के सदस्यों सर्व श्री पद्मश्री श्री धर्मपाल सैनी, श्री जय रुद्र करे, श्री तेलम बौरैया, श्रीमती सुखमती हप्का और कोबरा बटालियन के जवान श्री राकेश्वर सिंह मन्हास तथा पत्रकार श्री गणेश मिश्रा और श्री मुकेश चंद्राकर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनका शाल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू और उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कोबरा बटालियन के जवान को रिहा कराने के लिए मध्यस्थ टीम ने संकट के समय में बड़ी सूझबूझ का परिचय देते हुए बड़े सहज रूप से अपने काम को अंजाम तक पहुंचाया और जवान को सकुशल रिहा कराने में सफल हुए। इस कार्य की जितनी भी सराहना की जाए कम है। इस पूरे घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर थी। जवान के रिहा होने पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश ने राहत की सांस ली। टीम के सदस्यों ने एक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व निभाया और साहस के साथ अपनी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान श्री राकेश्वर सिंह मन्हास की माता जी को उन्होंने श्री मन्हास की सकुशल वापसी का वचन दिया था। मुझे संतोष है कि सभी के सहयोग से यह वचन पूरा हुआ। मध्यस्थ टीम के सदस्यों, स्थानीय सामाजिक नेताओं, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, स्थानीय अधिकारियों की सूझबूझ और प्रयासों से श्री मन्हास की सकुशल वापसी हुई है। मध्यस्थ टीम श्री राकेश्वर सिंह मन्हास को उनके घर तक सकुशल छोड़ने के लिए जम्मू जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस काम में सहयोग देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यस्थ टीम के सदस्यों द्वारा समाज में शांति स्थापना के लिए किए जा रहे कार्यो की प्रशंसा की। मध्यस्थ टीम के सदस्य पद्मश्री श्री धरमपाल सैनी, माता रूखमणी आश्रम डिमरापाल, बस्तर के संस्थापक हैं। श्री जयरूद्र करे भी इसी आश्रम से जुड़े हुए हैं। श्री तेलम बौरैया और श्रीमती सुखमती हप्का आदिवासी नेता हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर की नक्सल घटना के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री भी बस्तर आए थे। जवान को रिहा कराने की हमारी रणनीति सफल रही। इस कार्य में पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन, महानिदेशक सीआरपीएफ, आईजी बस्तर, बीजापुर के एसपी और डीएसपी, मध्यस्थ टीम के सदस्यों, स्थानीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीजापुर और बस्तर अंचल के स्थानीय लोगों ने एक बड़ा चुनौतिपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कोबरा बटालियन के जवान श्री राकेश्वर सिंह मन्हास को रिहा कराने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री लगातार बस्तर पुलिस से संपर्क में थे और इस मामले में की जा रही कार्यवाही की लगातार जानकारी ले रहे थे। मुख्यमंत्री ने जवान की रिहाई पर मध्यस्थता करने वाली टीम और जवान श्री राकेश्वर सिंह को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑपरेशन) श्री अशोक जुनेजा, डीआईजी नक्सल ऑपरेशन श्री ओ.पी. पाल, सीआरपीएफ के आईजी श्री प्रकाश डी. भी उपस्थित थे। बीजापुर से वीडियो कॉन्फ्रंेस के माध्यम से बीजापुर के कलेक्टर श्री रीतेश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री कमलोचन कश्यप सीआरपीएफ के अधिकारी श्री अखिलेश सिंह सहित पत्रकारगण सर्वश्री पी. रंजनदास, यूकेश चंद्राकर, चेतन कांपेवार और श्री के.शंकर, जगदलपुर से कमिश्नर बस्तर श्री जी.आर. चुरेन्द्र, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी., डीआईजी कोबरा श्री ए.पी.सिंह और पत्रकार श्री राजा राठौर जुड़े।

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Amit Mishra
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