दिनांक 20.12.20 को जय सेवा संगठन व नांगा बैगा जन संगठन के सयुक्त तत्वाधान में विकासखंड कोटा के वनाचल क्षेत्र ग्राम शिवतराई के तीरंदाजी प्रांगन में सामुदायिक वनाधिकार पेसा कानून समुदायों के अधिकार एवं आजीविका पर जिला स्तरीय जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया | उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय अरुण सिंह चौहान अध्यक्ष जिला पंचायत बिलासपुर,अध्यक्षता विजय केशरवानी अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण जिला बिलासपुर , संत कुमार नेताम अखिल भारतीय आदिवासी  विकास परिषद् प्रदेश अध्यक्ष , सत्येन्द्र कौशिक सांसद प्रतिनिधि श्रीमती छाया वर्मा सांसद (राज्य सभा ) इतवार सिंह मछिया प्रदेश अध्यक्ष बैगा जनजाति ,जयदीप राबिन्सन सामाजिक कार्यकर्त्ता , अनिल बामने जी जन स्वास्थ्य गनियारी ,श्रीमती शांति देवी जी जनपद सदस्य ,श्री मती कान्ति देवी जी जनपद सदस्य ,श्री मती गंगा मरावी सरपंच ग्राम पंचायत शिवतराई ,मुख्य अतिथि  की आसंदी में श्री अरुण  सिंह चौहान ने अपने उदबोधन में कहा कि समुदायिक वनाधिकार पत्र प्राप्त होने पर ही हम वन संसाधनो का उपयोग व संरक्षण कर सकते हैं वनो से मिलने वाले वनोपज जैसे चार तेंदू हर्रा बहेरा आँवला महुआ आदि उत्पादो को संरक्षित करके अपने आय में बृद्धि किया जा सकता है किंतु वर्तमान मे  वन उत्पादो की घटती मात्रा तथा वन संसाधनो का अनावश्यक दोहन एक बहुत बड़ा चिंता का विषय बना हुआ है, जो कि समस्त जीव जगत के  अस्तित्व के लिए खतरा है , इन समस्याओं से बचने के लिए व अपने वन क्षेत्रो में बृद्धि करने हमे समुदायिक वन प्रबंधन कार्य करना आवश्यक है इसके लिए  ग्राम स्तरीय वन प्रबंधन समिति का गठन करना होगा जिसमें समान रूप से ग्राम के महिला एवं  पुरुषो की भागीदारी सुनिश्चित होना जरूरी है जिससे वन संपदा को शुरक्षा मिल सके इसके अलावा पेड़ो की हो रही अंधाधुंध कटाई को रोकने आग से वनो की रक्षा  पशुओं की चराई आदि को रोकना समुदायिक वन प्रबंधन समिति के माध्यम से ही संभव है, इसलिये वन प्रबंधन कार्य  को अधिक से अधिक मजबूत बनाने में महिला समूहो की भूमिका अनिवार्य है ,अतः आज हम सभी इस समुदायिक वनाधिकार व पेसा पर हो रहे जिला स्तरीय जनसंवाद कार्यशाला पर संकल्प लें कि हम अपने एकता व    संगठन को शसक्त बनाते हुए विलुप्त के कगार पर खड़े वनोपजो को पुनः स्थापित कर वनो की संख्या में बृद्धि करने  निरंतर प्रयासरत रहेंगे |कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विजय केशरवानी ने 35 ग्रामों से आये 400 लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जिले के गौठानों में ग्राम शिवतराई के  स्वसहायता समूह की महिलायें गौठानों मे जैविक खाद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं है। वर्तमान में समूह की महिलाओें द्वारा 72 हजार रु. जैविक खाद के लिए बेचकर आय का अतिरिक्त साधन जुटा पाने में संक्षम हुए है , गौठानों में बनाये गये वर्मी कम्पोस्ट टैंक मनरेगा के तहत बनाया गया है। वर्मी टैंक बनाने में बिहान समूह की महिलाओं का योगदान रहा है,इससे महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की राह भी दिख रही है।  महिलायें आजीविका संवर्धन से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहीं हैं। महिलायें स्वरोजगार की दिशा मे आगे बढ़ते हुये ग्राम विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं।

विशिष्ट अतिथि इतवार सिंह मछिया ने बैगा पर्यावास के संबंध में बात रखते हुए बैगा जनजाति के लोगो को वनाधिकार व सामुदायिक पत्र दिलाने व उपस्थित आदिवासी भाइयो को एकजुट होने की बात कही |

अनिल बामने ने संगम महिला महिला समूहों की आजीविका पर उदाहरण देते हुए कहा की महिलाये आत्मनिर्भर होकर स्वयं से स्वरोजगार कर अपने आय के श्रोत को बढ़ा सकते है महिलाओ को प्रेरणा दी |

कार्यक्रम को जयदीप राबिन्सन ने भी संबोधित किया

उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में अमृका प्रसाद साहू ,ओम्कारेश्वर शर्मा,राम बिहारी ,ओम प्रकाश साहू ,दिब्या भानु ,नन्द कुमार आर्मो ,सिमांचल आचारी,ईश्वर सिंह, 35 ग्राम के महिला समूहों व ग्रामीण जन का सहयोग रहा |

कार्यक्रम का सफल संचालन लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने किया |

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Amit Mishra
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