सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस अब क्षेत्रीय पार्टी बनने की ओर अग्रसर :- गोमती साय
सांसद गोमती ने मुख्यमंत्री से पूछा क्यों छोड़ रहे नेता कांग्रेस

रायगढ़ (वायरलेस न्यूज) :- घोषणा पत्र समिति का संयोजक दुर्ग सांसद विजय बघेल को बनाए जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कांग्रेस छोड़ कर गए व्यक्ति को जवाबदारी दिए जाने का तंज कसने पर सांसद गोमती साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल पूछा है कि आजादी के बाद सबसे बड़ी पार्टी आ क्षेत्रीय पार्टी बनने की ओर अग्रसर कैसे है पहले बघेल जी को इसका चिंतन करना चाहिए।विजय बघेल को संयोजक बनाए जाने पर मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस छोड़ कर गए विजय बघेल को भाजपा की विचारधारा नहीं मालूम घोषणा पत्र क्या बनाएंगे ? सांसद गोमती ने कहा हाल में भूपेश की वादाखिलाफी से परेशान होकर उनकी पार्टी के उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने कांग्रेस घोषणा पत्र समिति का संयोजक बनने से इंकार कर दिया उनकी पार्टी में उनकी विचाराधारा के नेता घोषणा पत्र का दायित्व लेने से घबरा रहे है पहले भूपेश बघेल जी को इसका जवाब देना चाहिए।सांसद ने मीडिया को जानकारी साझा करते हुए बताया पिछले आठ वर्षों में 400 से ज्यादा नेता कांग्रेस का हाथ छोड़ चुके हैं। इनमें 33 बड़े नेताओं का नाम शामिल है। अब भी पार्टी में असंतुष्ट नेताओं की बड़ी संख्या मौजूद है। बघेल जी गांधी परिवार की खातिर, कांग्रेस पार्टी कब तक अपने नेताओं की बलि चढ़ाती रहेगी। मोदी जी द्वारा कांग्रेस मुक्त भारत का सपना आपकी पार्टी के नेता ही पूरा कर रहे है। पिछले आठ वर्ष में जिन 33 बड़े नेताओं ने असंतोष और निराशा की वजह से कांग्रेस का हाथ छोड़ा, उसमें हिमंता बिस्वा सरमा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण राणे, कैप्टन अमरिंदर सिंह, चौधरी बीरेंदर सिंह, कुलदीप बिश्नोई, सुनील जाखड़, आरपीएन सिंह, कपिल सिब्बल जैसे नाम शामिल हैं। सभी नेताओ ने इस्तीफे में गांधी परिवार सहित शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया है। कभी कांग्रेस को मजबूत करने वाले नेता आरोप लगा रहे है कि गांधी परिवार न तो उनकी बात सुनता है और न ही उन्हें मिलने का समय देता। देश के कुछ राज्यो में कांग्रेस के मुख्यमंत्री बचे है।आपने छत्तीसगढ़ बनने के बाद प्रदेश को गांधी परिवार का एटीएम बना दिया है इसलिए हिसाब किताब के लिए बतौर मुख्यमंत्री आपको गांधी परिवार से मिलने का समय आसानी से मिल जाता होगा। सांसद गोमती ने सितंबर 2021 के दौरान नेताओं के दल-बदल पर जारी रिपोर्ट के हवाले से बताया कि वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस से जुड़े सबसे ज्यादा नेताओं ने पार्टी छोड़ी है। वर्ष 2014 से सितंबर 2021 तक कांग्रेस के 222 ऐसे नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहा, जो चुनावी उम्मीदवार थे। इस दौरान कांग्रेस के 177 सांसद और विधायकों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। रिपोर्ट में इन सात वर्षों में कांग्रेस के 399 नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इस रिपोर्ट के बाद भी 16 बड़े नेता, अपने समर्थकों संग कांग्रेस का हाथ झटक चुके हैं। मतलब आठ वर्षों में ये संख्या तकरीबन 450 पहुंच चुकी है। सांसद गोमती साय ने कहा राजकुमारी प्रियंका गांधी के स्वागत हेतु प्रदेश की गड्ढे नुमा सड़को को गुलाब की पंखुड़ियों से रातों रात पाटा गया था कांग्रेस की राजनीति में प्रियंका के सक्रिय होने के बाद तो पार्टी छोड़ने के लिए बाढ़ सी आ गई।

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Amit Mishra
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