छत्रपति शिवाजी जयंती पर निकलेगी शोभा यात्रा

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) जिला मराठा समाज बिलासपुर के तत्वाधान में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती 19 फ़रवरी को धुमधाम से मनाई जाएगी ।

समाज के सचिव श्री शशांक चौहान ने बताया कि प्रातः 8 बजे बृहस्पति बाजार स्थित छत्रपति शिवाजी की मुर्ति पर माल्यार्पण , आरती, उद्बोधन प्रसाद वितरण के पश्चात आई तुलजा भवानी मंदिर स्थित शिवाजी की मुर्ति पर माल्यार्पण उद्बोधन का कार्यक्रम होगा. शाम 5 बजे लाल बहादुर शास्त्री स्कुल मैदान से शोभा यात्रा निकाली जाएगी शोभा यात्रा में शिवाजी महाराज एवं जिजा माता की जिवंत झांकी, ढोल ताशा धुमाल के साथ प्रारंभ होगी, युवक-युवतियों हाथों में तलवार लिए शक्ति प्रदर्शन करते हुए निकलेंगे, मराठा महिलाएं भगवा रंग की साड़ी मराठी वेशभूषा चलेंगी, मराठा युवा सफेद कुर्ता पैजामा और भगवा पगड़ी में दिखेंगे, शोभा यात्रा रात्रि 9 बजे आई तुलजा भवानी मंदिर मे पहुंचेगी यहां पर आम सभा होगी, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर विधायक शैलेश पांडे जी होंगे विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्री अरूण घाडगे जी एवं पार्षद श्री राजेश सिंह ठाकुर जी होंगे सभा पश्च्यात भोजन की व्यवस्था की गई है कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के पदाधिकारी आनंद राव महाड़िक, काशी राव गाढे, शशांक चौहान, जनार्दन राव भोसले, शुशांक वैध, पुषपेनद्र राव हाटेकर, राजु राव मराठा राजकुमार वासिंग आशिष कापसे विक्रम बाकरे पंकज घाडगे राज बाकरे गोल्डी भोषले दिपक घाडगे महिला मंडल से प्रेरणा घाडगे सुनिता वासिंग मोनिका भोसले आस्था बाकरे मिनु भोषले रीना गाढे एवं युवा मराठा सेना के युवक-युवतियां आदि जुटे हुए हैं
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.06.11रेसुब गोंदिया ने पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस से लगभग चार लाख रुपये मूल्य का गाँजा बरामद किया
बिलासपुर2026.06.11कोनी-मोपका बायपास के लिए निविदा को मंजूरी* *75.73 करोड़ की लागत से 13.4 किमी फोरलेन सीमेंट क्रांकीट सड़क बनेगी* *उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मापदंडों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश* *अनुबंधित समयावधि में काम पूर्ण कराने कहा*
Uncategorized2026.06.11*काॅकरोच : हीनता का हल्ला* *डॉ शाहिद अली*
Uncategorized2026.06.10विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को बताया जनविश्वास और जनकल्याण का स्वर्णिम काल*


