🇮🇳Odia
अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

बारिश पूर्व सूचना देने वाला मन्दिर ,सच मानें….बारिश की पूर्व सूचना देता है कानपुर का जगन्नाथ मंदिर !!

On: September 2, 2022 5:54 AM

बारिश पूर्व सूचना देने वाला मन्दिर

सच मानें….बारिश की पूर्व सूचना देता है कानपुर का जगन्नाथ मंदिर ।
क्या आप कल्पना कर सकते हैं किसी ऐसे भवन की जिसकी छत चिलचिलाती धूप में टपकने लगे बारिश की शुरुआत होते ही जिसकी छत से पानी टपकना बंद हो जाए ।
ये घटना है तो हैरान कर देने वाली लेकिन सच है । उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले कानपुर जनपद के भीतरगांव विकास खंड से ठीक तीन किलोमीटर की दूरी पर एक गांव है बेहटा ।
यहीं पर है धूप में छत से पानी की बूंदों के टपकने और बारिश में छत के रिसाव के बंद होने का रहस्य। यह घटनाक्रम किसी आम ईमारत या भवन में नहीं बल्कि यह होता है भगवान जगन्नाथ के अति प्राचीन मंदिर में
छत टपकने से हो जाती है बारिश की आहट ।
ग्रामीण बताते हैं कि बारिश होने के छह-सात दिन पहले मंदिर की छत से पानी की बूंदे टपकने लगती हैं । इतना ही नहीं जिस आकार की बूंदे टपकती हैं , उसी आधार पर बारिश होती है ।
अब तो लोग मंदिर की छत टपकने के संदेश को समझकर जमीनों को जोतने के लिए निकल पड़ते हैं ।हैरानी में डालने वाली बात यह भी है कि जैसे ही बारिश शुरु होती है छत अंदर से पूरी तरह सूख जाती है ।

वैज्ञानिक भी नहीं जान पाए रहस्य —

मंदिर की प्राचीनता व छत टपकने के रहस्य के बारे में मंदिर के पुजारी बताते हैं कि पुरातत्व विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक कई दफा आए लेकिन इसके रहस्य को नहीं जान पाए हैं । अभी तक बस इतना पता चल पाया है कि मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य 11वीं सदी में किया गया।
मंदिर की बनावट बौद्ध मठ की तरह है। इसकी दीवारें 14 फीट मोटी हैं । जिससे इसके सम्राट अशोक के शासन काल में बनाए जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं । वहीं मंदिर के बाहर मोर का निशान व चक्र बने होने से चक्रवर्ती सम्राट हर्षवर्धन के कार्यकाल में बने होने के कयास भी लगाए जाते हैं लेकिन इसके निर्माण का ठीक-ठीक अनुमान अभी नहीं लग पाया है ।
भगवान जगन्नाथ का यह मंदिर अति प्राचीन है । मंदिर में भगवान जगन्नाथ बलदाऊ व सुभद्रा की काले चिकने पत्थरों की मूर्तियां विराजमान हैं। प्रांगण में सूर्यदेव और पद्मनाभम की मूर्तियां भी हैं । जगन्नाथ पुरी की तरह यहां भी स्थानीय लोगों द्वारा भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती है लोगों की आस्था मंदिर के साथ गहरे से जुड़ी है लोग दर्शन करने के लिए आते रहते हैं।

जय श्री जगन्नाथ स्वामी जी महाराज
💐💐🌼

( साभार )

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Leave a Comment