न्यायालय एवं आरोपी फिरोज अंसारी

जिला का पहला मामला जो 5 माह 19 दिनों मे हुआ विचारण

आरोपी को अलग अलग धाराओ मे सश्रम कारावास एवं अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया

मनेंद्रगढ़ (प्रशांत तिवारी वायरलेस न्यूज) मनेन्द्रगढ़ हनुमान मंदिर मे मुकुट चोरी के आरोपी को अलग -अलग धाराओं मे मिला सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा विगत दिनों झगराखण्ड रोड स्थित हनुमान मंदिर से मुकुट चोरी कि घटना की शिकायत पार्षद नागेंद्र जायसवाल द्वारा मनेन्द्रगढ़ पुलिस थाना मे आकर दर्ज कराया था कि दिनांक 31अगस्त 2022 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के आगमन मनेन्द्रगढ़ पर होना था । जिसके लिए हनुमान मंदिर के समाने स्वागत द्वार बनवाने के लिए अपने साथी नरेंद्र अरोरा के साथ जगह देखकर भगवान हनुमान जी का दर्शन करने मन्दिर के अंदर गया तो देखा कि मंदिर मे स्थित हनुमान जी के सिर मे लगा चांदी का मुकुट नही था जिसको मंदिर के आगे पीछे ढूंढने का प्रयास किया गया लेकिन मुकुट नही मिलने पर पुलिस थाना मे आकर शिकायत दर्ज कराया गया कि अज्ञात चोर मंदिर के अंदर घुस कर चुराकर ले गया है उक्त रिपोर्ट पर पुलिस थाना द्वारा अपराध क्रमांक 533/22 धारा 454, 380 भा.द.वि. का अपराध पंजिबद्ध कर विवेचना किया गया।
इस दौरान मुखबिर सूचना पर आरोपी संदेही फिरोज अंसारी को तलब कर पूछताछ किया गया तो बताया कि दिनांक 31/8/22 को मंदिर के अंदर घुस कर चोरी करना तथा उक्त चांदी के मुकुट को गोपी केवट के घर रखना तथा गोपी केवट के साथ विक्रय हेतु ग्राहक खोजना और ग्राहक नही मिलने पर गोपी केवट के घर जाकर रखना बताया जो मौके पर मेमोरेंडम कथन तैयार कर चांदी की मुकुट बरामद किया गया तथा आरोपी फिरोज अंसारी के विरुध् 454 ,380 भा द वि व गोपी केवट के विरुद्ध धारा 414 भा द वि का विचारण लंबित है वंही माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती एकता अग्रवाल द्वारा बहुत कम समय मे मात्र कुल 05 माह 19 दिवस मे विचारण किया गया जिसमे भा.दं.वि. की धारा 454 के आरोप में 02 वर्ष (दो वर्ष) के सश्रम कारावास और 500/- (पांच सौ रूपये) रूपये के अर्थदण्ड, भा.दं.वि. की धारा 380 के आरोप में 01 वर्ष (एक वर्ष) के सश्रम कारावासऔर 500/- (पांच सौ रूपये) रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । तथा उक्त प्रकारण मे शाशन की ओर से मनेन्द्रगढ़ के सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पी सी करकेट्टा द्वारा पैरवी किया गया और् उन्होंने कहा की बहुत ही कम समय मे इस तरह के प्रकरण का निराकरण होने से अपराधियों के मन मे भय उत्पन्न होगा तथा पीड़ितों को जल्द न्याय प्राप्त होगा और अपराधों पर अंकुश लग सकेगा।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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