नई दिल्ली (वायरलेस न्यूज नेटवर्क 5 दिसंबर 2023। दिल्ली गलियारे से यह संकेत मिल रहे है कि रेणुका सिंह छत्तीसगढ़ की नयी मुख्यमंत्री हों सकती हैं ? छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच तेजी से ये नाम सामने आ रहा है।

हालांकि चुनाव परिणाम के बाद से ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा रमन सिंह, अरूण साव, विष्णुदेव साय, जैसे नामों के आसपास घूम रहा था, लेकिन अब खबरें ये आ रही है कि रेणुका सिंह के नाम पर आलाकमान मुहर लगाने जा रहा है। वैसे परिणाम के दुसरे दिन सुबह ही अमित शाह के कहने पर दिल्ली रवाना हो गई थी ,अभी भी दिल्ली में डटी हुई है, साथ ही एक डिप्टी सीएम भी बनाया जायेगा। चर्चा है कि डिप्टी सीएम कोई ओबीसी चेहरा हो सकता है। ऐसे में अरूण साव का नाम सामने आ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनकी दावेदारी ऐसे भी मजबूत है, लिहाजा उन्हें डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है।
हालांकि इस संदर्भ में पार्टी की तरफ से कोई अधिकृत तौर पर कुछ नहीं कह रहा है। लेकिन, कई बड़े नेता मानते हैं कि रेणुका सिंह पर पार्टी सहमत हो सकती है। दरअसल रिजल्ट के बाद जब बीजेपी पार्टी हेडक्वार्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे, तो जश्न के बाद ही पार्टी संसदीय बोर्ड की भी अनौपचारिक बैठक हो गयी थी, जिसमें मुख्यमंत्री के नामों को तय कर लिया गया था। अब सिर्फ इसे लेकर औपचारिक तौर पर ऐलान ही बचा है।

वैसे देखा जाये, तो रेणुका सिंह के नाम सामने आने के पीछे की कई वजह है। दरअसल रेणुका पार्टी की फायरब्रांड लीडर तो है ही, उनके पास बड़ा राजनीतिक अनुभव भी है। वो लोकसभा और विधानसभा दोनों में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। उन्हें प्रशासन चलाने का अनुभव भी है, महिला भी हैं और साथ ही आदिवासी भी। लिहाजा, पार्टी एक ही चेहरे से अपनी कई सारे एजेंडे को सेट कर सकती है। रेणुका के नाम के पीछे की एक बड़ी वजह ये भी है कि वो सरगुजा से आती है, जहां से इस बार भाजपा को बेपनाह समर्थन मिला है।
पार्टी की है आधी आबादी पर नजर
इस चुनाव में भाजपा की बंपर जीत के पीछे आधी आबादी का बड़ा हाथ रहा है। महिलाओं ने भाजपा को दिल खोलकर अपना समर्थन दिया है। महिला आरक्षण बिल के आधार पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने जो महिला वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्लान तैयार किया था, लोकसभा चुनाव के पहले विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना और छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना ने उसमें पर लगा दिये। ऐसे में पार्टी महिला मुख्यमंत्री के हाथों में नेतृत्व देकर महिलाओं के बीच अलग संदेश देना चाहती है। दरअसल अब भाजपा का पूरा मिशन 2024 के लोकसभा चुनाव पर शिफ्ट हो गया है। जाहिर है जितने भी फैसले लिये जा रहे हैं, वो तमाम फैसले अब लोकभा चुनाव में फायदे और नुकसान के आधार पर लिये जा रहे हैं। ऐसे में रेणुका सिंह के हाथों में कमान देकर पार्टी अपने संदेश साफ करना चाह रही है।

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