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हिन्दू स्वाभिमान पुनर्जागरण का माध्यम बना रामजन्मभूमि अयोध्या मन्दिर,सबके राम – सबमें राम से पुष्ट होता विश्व बन्धुत्व का भारतीय सिद्धांत,(मनोज द्विवेदी, म.प्र.के वरिष्ठ पत्रकार की कलम से)

On: January 17, 2024 12:07 PM

सबके राम – सबमें राम से पुष्ट होता विश्व बन्धुत्व का भारतीय सिद्धांत

( मनोज द्विवेदी, अनूपपुर- मप्र )

कल मध्यप्रदेश के नर्मदांचल के एक गाँव दुलहरा में भगवान श्री राम की शोभायात्रा में शामिल ग्रामीणों के साथ कुछ मिनट बिताने और उनके आयोजन का हिस्सा बनने के दौरान लगभग 90- 95 वर्षीया वयोवृद्ध माता जी के कांपते, लरजते हाथों में अयोध्या मन्दिर के आमंत्रण का पत्रक और पीले अक्षत के कुछ दाने रखे तो खुशी से सराबोर होकर उनकी आंखे भर आईं। श्रद्धा आस्था से भरपूर भावनाओं का ऐसा ज्वार उमडा कि शारीरिक अशक्तता को भूल कर वो ठुमक – ठुमक कर नाचने लगीं । इसे देखकर वहाँ उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति अवाक रह गया। भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा और समर्पण की ऐसी सैकड़ों घटनाओं का सहभागी – प्रत्यक्षदर्शी बनने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है। दो वर्ष पहले जब रामजन्मभूमि मन्दिर निर्माण के लिये लोगों से निधि समर्पण हेतु घर – घर जाने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ था । उसके बाद यह दूसरा बड़ा अवसर हमें देखने को मिला जब लाखों लोग जाति, वर्ग, भाषा,प्रांत, रंग, धर्म ,विचारधारा और दलगत नियम कायदों से उपर ऊठ कर भगवान श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर को लेकर इतने उत्साहित दिख रहे हैं।
लगभग पांच सौ साल बाद अयोध्या जी में रामजन्मभूमि मन्दिर के निर्माण के साथ श्री रामलला के विग्रह की प्राणप्रतिष्ठा की तारीख जैसे – जैसे नजदीक आती जा रही है , लोगों में श्रद्धा, भक्ति ,समर्पण की भावनाओं का मानो सैलाब सा आ गया है। अयोध्या जी से अक्षत कलश गाँव – गाँव हो कर आमंत्रण की शक्ल मे घर – घर हर व्यक्ति तक पहुँचने से देश के करोड़ों लोग सनातन धर्म के मजबूत सूत्र से जुड़ गये हैं। अक्षत के माध्यम से रामजन्मभूमि मन्दिर के दर्शन हेतु अयोध्या जी का घर बैठे आमंत्रण लोगों की वर्षों से सुप्त स्वाभिमान को जागृत करता दिख रहा है।

श्री राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्र नाम ततुल्यं श्रीराम नाम वरानने ।। भगवान श्री राम के नाम जप के इस तारण मंत्र के माध्यम से राम नाम को जीवन की लय बना चुके रामभक्त अनुयायियों ने —
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा
हृदय राखि कोसलपुर राजा।
गरल सुधा रिपु करहिं मिताई
गोपद सिंधु अनल सितलाई ।।
के शुभ चौपाई के साथ
सबके राम — सबमें राम के उद्घोष के द्वारा सभी भारतीयों के साथ 21 वी सदी में विश्व के सुखी ,स्वस्थ, सम्पन्न विश्व बन्धुत्व के स्वाभिमानी सनातनी समाज को जागृत करने का पुनरुत्थान आन्दोलन बन गया है।
देश के सभी शहरों , कस्बों, गांवों में अयोध्या दर्शन के लिये पत्र और पीले अक्षत से प्रत्येक व्यक्ति को आमंत्रित करते हुए उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। नगरीय, ग्रामीण क्षेत्रों में घर – घर राम सेवकों के पहुंचने से माहौल राममय हो गया है।
22 जनवरी 2024 को अयोध्या जी में नव निर्मित श्री राम जन्मभूमि मन्दिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूर्व घर – घर पहुंच कर राम सेवकों द्वारा प्रतिदिन हजारों परिवारों को अक्षत और श्री राम प्रतिमा सहित आमंत्रण पत्रक देकर अयोध्या दर्शन के लिये आमंत्रित किया जा रहा है।
अयोध्या जी में श्रीराम की प्राणप्रतिष्ठा से पूर्व समूचा देश राम मय सा हो गया है।
बंदउँ बालरूप सोइ रामू ।
सब सिधि सुलभ जपत जिसु नामू ॥
मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवहुं सो दसरथ अजिर बिहारी॥
के पवित्र भाव से भारत और विश्व के बहुत से देशों में राम भक्त स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं को रामधुन के गायन और ढोल,मंजीरा, शंख, घंटे के नाद के साथ घर – घर जाकर लोगों को अयोध्या जी श्री रामलला की प्राणप्रतिष्ठा की सूचना देकर उन्हे अयोध्या जी आने के लिये आमंत्रित करते देखा जा रहा है।
अयोध्या जी से अक्षत कलश सभी जिलों में आने के बाद इनकी शोभा यात्रा निकाल कर अक्षत कलश को प्रमुख मन्दिरों में स्थापित कर दिया गया था। अब यही अक्षत और श्री रामजन्मभूमि मन्दिर का आमंत्रण पत्रक लेकर सैकड़ो राम भक्त स्वयंसेवक स्वत: स्फूर्त नि: स्वार्थ भाव से घर – घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। कुछ ऐसी टोलियां भी हैं जो रामधुन के साथ पताका लिये हुए प्रात: प्रभात फेरियों में निकल रही है।
जिन परिवारों में अक्षत ,पत्रक लेकर ये रामसेवक पहुंच रहे हैं वहाँ लोग श्रद्धायुक्त भाव से इनके माथे पर तिलक लगाकर ,आरती उतार कर और इन्हे मिठाई खिला कर इनका भावभीना स्वागत् कर रहे हैं। जाति, धर्म, पंथ, विचारधारा के भेदभाव से परे जाकर लोग आमंत्रण दे रहे हैं और लोग आमंत्रण स्वीकार कर रहे हैं।
जैसे – जैसे मन्दिर में प्राणप्रतिष्ठा की तारीख समीप आते जा रही है लोग मन्दिरों, तालाब, नदी तटों, सार्वजनिक स्थलों, घरों को वन्दनवार, पुष्पमालाओं से अलंकृत कर रहे हैं। राम धुन, सुन्दर कांड, भजन कीर्तन, सार्वजनिक आरती,हवन भंडारे के आयोजन किये जा रहे हैं। केन्द्र और प्रदेश की सरकारों ने इस आयोजन को स्वच्छता से जोडते हुए मन्दिर और सार्वजनिक स्थानों ,कार्यालयों में स्वच्छता अभियान की शुरुआत कर दी है। सभी शासकीय – अशासकीय भवनों में विद्युत सज्जा करने , शोभा यात्राएं निकालने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी को रामज्योति जलाने की अपील करके देश को एक मजबूत सनातनी सूत्र से जोड़ दिया है‌ । 22 जनवरी को दुनिया भर में दीपावली मनाई जाएगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशांगिक संगठन और श्री रामजन्मभूमि अयोध्या मन्दिर निर्माण का मुख्य नेतृत्व करने वाले विश्व हिन्दू परिषद ने अपने नाम के अनुरुप सबके राम – सबमें राम का उद्घोष वाक्य देकर श्री रामजन्मभूमि मन्दिर आन्दोलन को 21 वीं सदी का विशाल हिन्दू सनातन धर्मियों के स्वाभिमान जागरण का पुनरुत्थान आन्दोलन बना दिया है‌ । सबके राम – सबमें राम का नारा अभियान की व्यापकता, विशालता , पवित्र सनातनी आध्यात्मिकता और विश्व बन्धुत्व के भाव को प्रदर्शित करता है। और यही भारत में नरेन्द्र मोदी सरकार की सबका साथ – सबका विकास – सबका विश्वास वाली पवित्र भावना है । निश्चित रुप से श्री रामजन्मभूमि अयोध्या मन्दिर देश को एक मजबूत सूत्र मे जोडने का कार्य करेगा।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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