बिलासपुर/(वायरलेस न्यूज) बुधराम यादव की दोहा गीत संग्रह “उपहार” का विमोचन मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिध्द भाषाविद् ,शिक्षाविद् ,संगीतकार डॉ.चितरंजन कर ने किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग ने की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में बलदाऊ राम साहू, माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ एवं डॉ.ए. के. यदु उपस्थित रहे ।उल्लेखनीय है कि बुधराम यादव छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ गीतकार एवं साहित्यकार हैं। वे चार दशकों से भी ज्यादा समय से साहित्य की सेवा करते आ रहे हैं और आज भी समर्पित भाव से सक्रिय हैं। उनकी प्रकाशित कृतियों में “अंचरा के मया”, “गांव कहां सोरियावत हे”, ” चकमक चिनगारी भरे” प्रमुख हैं । उन्होंने डॉ. अजय पाठक की मूल कृति “बूढ़े हुए कबीर” का “डोकरा भईन कबीर”के नाम से छत्तीसगढ़ी में अनुवाद भी किया है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में छंदशाला और समन्वय साहित्य समिति के संयुक्त तत्वाधान में बिलासपुर में साहित्य और संगीत के जुगलबंदी का मनमोहक आयोजन संपन्न हुआ। वरिष्ठ गीतकार बुधराम यादव के गीतों को रायपुर से आये डॉ. चितरंजन कर ने अपना स्वर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गीतों को सुनते रहे।यह कार्यक्रम डॉ.चितरंजन कर की संगीतमय श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी बन गई। वे इन दिनों प्रदेश के अलग-अलग शहरों में विभिन्न गीतकारों की रचनाओं पर केंद्रित संगीतमय प्रस्तुति दे रहे हैं। इस गरिमामय कार्यक्रम में विजय तिवारी,अमृतलाल पाठक,डॉ.अजय पाठक, सुनीता मिश्रा, शैलेन्द्र गुप्ता, मयंक मणि दुबे, विनय पाठक, गंगाधर पटेल,देवधर दास महंत, पूर्णिमा तिवारी, एम. डी. मानिकपुरी आदि शहर के अनेक साहित्यकारों के अलावा बुधराम यादव के परिवार के सदस्य एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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