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सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत (IAS) को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस

On: August 15, 2026 5:31 PM

सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत (IAS) को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस

78 वर्षीय विधवा के पेंशन-सेवा लाभ के मामले में कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर जवाब तलब

बिलासपुर। ( वायरलेस न्यूज) छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कथित देरी को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अजीत वसंत (IAS) को अवमानना नोटिस जारी किया है। 78 वर्षीय विधवा श्रीमती बी. एक्का के दिवंगत पति के सेवा एवं पेंशन संबंधी लंबित लाभों से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट ने कलेक्टर से स्पष्ट किया है कि उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

14 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की अदालत ने अवमानना प्रकरण की सुनवाई करते हुए Respondent No. 2 श्री अजीत वसंत (IAS), कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, सरगुजा को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। न्यायालय ने मामले को पांच सप्ताह बाद पुनः सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

6 जनवरी के आदेश में 60 दिन में निर्णय का निर्देश

मामले की मूल याचिका पर 6 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता के दिवंगत पति के सेवा लाभों से जुड़े दावे पर कानून एवं लागू नीतियों के अनुसार विचार कर निर्णय लिया जाए। इसमें Revised Pay Scale, Time Pay Scale, Kramonnati, बकाया राशि तथा पेंशन के पुनर्निर्धारण सहित परिणामी लाभ शामिल थे।

न्यायालय ने प्रमाणित आदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर मामले पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। साथ ही, याचिकाकर्ता की वृद्धावस्था को देखते हुए मामले का शीघ्र निपटारा करने पर विशेष जोर दिया गया था।

आदेश के बाद भी जारी रहा विभागीय पत्राचार

हाईकोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता श्रीमती बी. एक्का ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर न्यायालयीन आदेश के पालन तथा लंबित सेवा एवं पेंशन लाभ प्रदान करने की मांग की।

इसके बाद 11 मई 2026 को आयुक्त, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर ने कलेक्टर को पत्र भेजकर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई तथा परिणामी लाभ प्रदान करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा।

इसके बाद 21 मई 2026 को अपर कलेक्टर की ओर से याचिकाकर्ता से पेंशन संबंधी प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। याचिकाकर्ता ने विभाग द्वारा मांगे गए चार पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक तथा मृत्यु प्रमाणपत्र की छायाप्रति सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए।

इसके बावजूद याचिकाकर्ता के अनुसार आज तक पेंशन का पूर्ण पुनर्निर्धारण, बकाया राशि एवं अन्य परिणामी सेवा लाभ प्राप्त नहीं हुए हैं।

न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा में आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं होने के बाद 78 वर्षीय श्रीमती बी. एक्का की ओर से अधिवक्ता नेल्सन पन्ना एवं अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका प्रस्तुत की गई।

याचिका में कहा गया कि अधिकारियों को न्यायालय के आदेश की पूरी जानकारी थी। आदेश के बाद विभागीय स्तर पर पत्राचार और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया भी हुई, लेकिन निर्धारित अवधि में याचिकाकर्ता के दावे पर अंतिम निर्णय लेकर आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं किया गया।

हाईकोर्ट ने पूछा—अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए?

14 अगस्त 2026 के आदेश में न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु ने Respondent/ प्रतिवादी कलेक्टर सरगुजा श्री अजीत वसंत (IAS) को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा है कि उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

न्यायालय ने मामले को पांच सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। न्यायालयीन आदेश के अनुपालन पर अब प्रशासन की जवाबदेही

मामला अब केवल लंबित पेंशन भुगतान का नहीं, बल्कि न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा में दिए गए आदेश के अनुपालन और प्रशासनिक जवाबदेही का भी बन गया है। खास तौर पर तब, जब मूल आदेश में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की वृद्धावस्था को देखते हुए मामले में शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया था।

अब कलेक्टर अजीत वसंत (IAS) की ओर से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाने वाला जवाब महत्वपूर्ण होगा। आगामी सुनवाई में हाईकोर्ट यह देखेगा कि आदेश के अनुपालन में अब तक क्या कार्रवाई हुई और याचिकाकर्ता को उसके सेवा एवं पेंशन संबंधी लाभ प्रदान करने में देरी की वास्तविक स्थिति क्या है।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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