पन्ना (वायरलेस न्यूज़ नेटवर्क ) पन्ना टाइगर रिजर्व में सिर्फ बाघों और वन्य प्राणियों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है। बल्कि हाथियों के लिए भी है। यहां दुनिया का सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला मौजूद है। अब वो 100 साल की उम्र पार कर चुकी है और अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर आ चुकी है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार वत्सला हथिनी की उम्र 100 वर्ष से भी अधिक हो चुकी है। लेकिन इसका जन्म प्रमाण पत्र ना होने की वजह से इसका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका। यह हथिनी यहां मौजूद दर्जनों हाथियों के बीच हिनौता कैंप में रह रही है। अधिक उम्र हो जाने के कारण वत्सला अब आंखों से देख नहीं सकती। परंतु फिर भी हाथियों के परिवार की सबसे बुजुर्ग हथिनी अपने अन्य साथियों के बच्चों को दादी और नानी का दुलार देने में अभी भी पीछे नहीं हटती। जब भी यहां अन्य हाथियों के बच्चे जन्म लेते हैं उन बच्चों को पालने में यह अभी भी अपनी अहम भूमिका निभाती देखी जाती है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता इन दिनों इसकी देखरेख कर रहे हैं। क्योंकि अधिक उम्र हो जाने के कारण वत्सला का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन ऊपर नीचे होता रहता है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन को हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि सबसे उम्र दराज हथिनी का नाम चंद कागजों के न होने के कारण गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज नहीं हो पाया। इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व की तरफ से काफी जद्दोजहद की गई। इसके जन्म स्थली केरला सरकार के पास भी कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं मिला। पार्क प्रबंधन द्वारा बताया गया कि वत्सला अब शायद ज्यादा दिन तक टाइगर रिजर्व में या यूं कहें तो इस संसार में मौजूद नहीं रह पाएगी। क्योंकि अब इसने खाना पीना भी त्याग दिया है।अमित मिश्रा संपादक वायरलेस न्यूज़

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