बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) शा.मेडिकल कालेज जगदलपुर में एमबीबीएस सेकंड ईयर अध्ययनरत छात्र को फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विषय में फेल कर दिए जाने से क्षुब्ध होकर अधिवक्ता अक्षरा अमित के माध्यम से रिट याचिका प्रस्तुत किए थे, जिसकी सुनवाई 13 अगस्त को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी जी के कोर्ट रूम में हुई याचिका में यह आधार लिया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा 40 अंक के प्रश्न पर 37 अंक के उत्तर सही लिखा था, लेकिन मेडिकल कॉलेज जगदलपुर द्वारा याचिकाकर्ता के उत्तर पुस्तिका को जाँच किये बिना फेल कर दिया गया था। याचिकाकर्ता के द्वारा सही उत्तर लिखने के बाद भी याचिकाकर्ता के साथ भेद भाव करते हुए उसके उत्तर पुस्तिका की जाँच भी नही कि गयी याचिका के सुनवाई के दिन शासन की ओर से अधिवक्ता आदित्य भारद्वाज उपस्थित रहे मगर आयुष विश्वविद्यालय के स्टैंडिंग काउंसिंल अधिवक्ता अजय द्विवेदी के अनुपस्थित रहने के कारण आयुष विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी और अगली सुनवाई 31 अगस्त को नियत की गई है।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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