सरकार के कुपोषण मिटाने का दावा हुआ खोखला साबित,

पंडो अभिकरण – वार्षिक खर्च – 55 लाख, जमीन हकीकत गरीबी, बीमारी और और कुपोषण।

जनता कांग्रेस ने बनाया जांच दल, 2 दिन में सौंपेगे प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट

रायपुर,(वायरलेस न्यूज़) छत्तीसगढ़, दिनांक 16 सितंबर 2021। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने सरगुजा बलरामपुर जिले के अंतर्गत 4 महीने के अंदर में राष्ट्रपति दत्तक पुत्र 20 पंडो जनजाति के मृत्यु के मामले में भूपेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा सरकार को विशेष संरक्षित पण्डो जनजाति की कोई चिंता नहीं है लगता है उन्हें जानबूझकर मरने के लिए उनके हाल में छोड़ दिया गया है, तभी तो 4 महीने के अंदर इस जनजाति के 20 सदस्यों की मौत गई है। उन्होंने कहा है सरकार एक तरफ तो प्रदेश में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का नारा दे रही है वहीं विशेष संरक्षित पंडो जनजाति के सदस्य कुपोषण से मर रहे है। विशेष संरक्षित इन जनजाति का जीवन संकटमय हो गया है जिस जनजाति को स्वयं तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के द्वारा 1952 में सरगुजा में जाकर अपना दत्तक ग्रहण किया गया था आज वही दत्तक पुत्र दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं, अनेक गांव में मूलभूत सुविधा बिजली पानी सड़क से वंचित हो रहे है, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए तरस रहे है। अधिकांश लोगों का राशन कार्ड तक नहीं बना है और जिनका कार्ड बना है उन्हें भी सही तरीके से खाद्यान्न नहीं मिल पाता। ऐसे में इन जनजातियों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और जो बचे है वह तड़प तड़प कर मर रहे है। जबकि पंडो जनजाति के उत्थान के लिए बनी पंडो अभिकरण अकेले सरगुजा संभाग में पंडो जाति के 31000 आबादी के लिए वार्षिक 55 लाख ख़र्च करती है और जमीनी हकीकत गरीबी और कुपोषण है। इस सम्बंध में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के निर्देशानुसार संभागीय अध्यक्ष श्री दानिश रफीक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल गठन किया हैम जो मौके में जाकर सूक्ष्मता से जांचकर 2 दिन के अंदर प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगें।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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