IAS संतोष वर्मा के अभद्र बयान पर सरयूपारीण छत्तीसगढी ब्राह्मण नारी कल्याण संगठन बिलासपुर में भारी विरोध, एफआईआर दर्ज कराई

बिलासपुर। (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज) मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज, विशेषकर ब्राह्मण बेटियों के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर पूरे प्रदेश में व्याप्त आक्रोश की लहर अब बिलासपुर तक पहुंच गई है।

छत्तीसगढ़ के कई स्थानों से बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग एकजुट हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें आईएएस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।IAS संतोष वर्मा के अभद्र बयान पर सरयूपारीण छत्तीसगढी ब्राह्मण नारी कल्याण संगठन बिलासपुर में भारी विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं इसी परिपेक्ष्य में बिलासपुर एस पी को ज्ञापन सौंपा एवं एफ आई आर की अनुमति लेकर सिविल लाइंस पुलिस थाना में एफ आई आर दर्ज कराई गई है।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में नारी कल्याण के सदस्य सर्वश्री अध्यक्ष श्रीमती जयश्री शुक्ला, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती संगीता शुक्ला, महासचिव श्रीमती सस्मिता शर्मा , साधना शर्मा, सुधा शर्मा, प्राची तिवारी रंजना पांडे शीला शर्मा दिव्या पांडे
*ज्ञापन सौंपने के लिए जुटे ब्राह्मण समाज के सदस्य, एवम मातृशक्तियां बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए।
इसी तारतम्य में बिलासपुर नगर में भी ब्राह्मण समाज में विशाल संख्या के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर संतोष वर्मा के खिलाफ एफआईआर की मांग की एवं कड़ी प्रक्रिया जारी करते हुए ब्राह्मण समाज के द्वारा यह कहा गया है कि इस तरीके की बयान बाजी समाज में विद्वेष फैलाने एवं सामाजिक सौहार्द की भावना को बिगड़ने का जानबूझकर लोक सेवा आयोग का अधिकारी के द्वारा इस तरह के वक्तव्य जारी किए गए हैं जो की समाज में पूरी तरीके से इस तरीके के बयान अस्वीकार हैं

आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। एवं ऐसे अधिकारी को पद मुक्त कर जेल में डाला जाए जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो एवं समाज में जहर घोलने का कार्य ऐसे अधिकारी को अशोभनीय है जिसके कारण जिले भर के संपूर्ण ब्राह्मण समाज में रोष एवं आक्रोश व्याप्त है!

आरोप: अधिकारी के बयान को नारी सम्मान और सामाजिक समरसता पर सीधा आघात बताया गया है।
प्रदर्शन: समाज के लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि ऐसे अमर्यादित बयान देने वाले अधिकारी को उच्च पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

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Amit Mishra
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