अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

रेलवे सुरक्षा बल ने ‘शहीद सप्ताह 2024’ के दौरान देश भर के नौ राज्यों में अपने ‘बहादुरों’ को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, 14 शहीदों के गांवों और उनके विद्यालयों का दौरा किया*

On: October 23, 2024 3:42 PM
Follow Us:

*शहीदों के परिवार, स्थानीय समुदाय के सदस्य और आरपीएफ के साथी श्रद्धांजलि देने और उनकी बहादुरी और बलिदान की गाथाओं को साझा करने के लिए एकत्रित हुए*

(वायरलेस न्यूज 23 अक्टूबर 2024)

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मौजूदा ‘शहीद सप्ताह’ के स्मरणोत्सव के हिस्से के रूप में पिछले वर्ष अपने कर्तव्य को पूरा करने में अपने प्राण न्योछावर करने वाले अपने 14 कर्मियों को श्रद्धांजलि दे रहा है। सम्मान और स्मरण के प्रतीक के रूप में, आरपीएफ अधिकारी नौ राज्यों में इन बहादुर व्यक्तियों के विद्यालयों और उनके पैतृक गांवों का दौरा कर रहे हैं। उनके बलिदान के महत्व पर जोर देते हुए, ये भावपूर्ण श्रद्धांजलि आरपीएफ और उन समुदायों के बीच एक गहरा संबंध विकसित कर रही है, जिन्होंने इन साहसी आत्माओं को आकार दिया।

सम्मानित किए जाने वाले शहीदों में ईस्ट कोस्ट रेलवे के आरपीएफ हेड कांस्टेबल श्री निराकार बेहरा भी शामिल हैं, जिन्होंने फरवरी 2024 में अपना कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। 21 अक्टूबर को खुर्दा रोड डिवीजन के आरपीएफ कर्मियों द्वारा ओडिशा के गंजम जिले के नेट्टांगा में उनके विद्यालय, एमई स्कूल में एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों की एक भावुक सभा देखी गई। उनकी विधवा श्रीमती गीतांजलि बेहरा ने अपने पति के बलिदान को मान्यता दिए जाने के लिए हृदय से कृतज्ञता व्यक्त की।

रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री मनोज यादव ने कहा, “इनमें से प्रत्येक वीर आत्मा ने सेवा और बलिदान के सर्वोच्च आदर्शों का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी विरासत हमें हमेशा रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा को बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगी।”

पूरे भारत में, आरपीएफ हमारे देश के विभिन्न हिस्सों में शहीदों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों और स्कूलों में इसी तरह के स्मरणोत्सव कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। प्रत्येक शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि और उनके परिवार के अभिनंदन के साथ सम्मानित किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनके प्रियजनों द्वारा किए गए बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा।

पूरे सप्ताह के क्रियाकलापों की योजना के साथ, अपने शहीद नायकों को याद करने के लिए आरपीएफ के प्रयास आरपीएफ कर्मियों की बहादुरी, बलिदान और समर्पण का सम्मान करने के लिए एक गहरी और निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिन्होंने देश की रेलवे प्रणाली और रेल यात्रियों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। आरपीएफ द्वारा शहीद सप्ताह मनाने से इन नायकों के अदम्य उत्साह उन रेलवे लाइनों पर गुंजित होता है, जिनकी उन्होंने इतनी लगन से रक्षा की। उनका शौर्य हमेशा के लिए इतिहास में अंकित हो गया।

*****

Author Profile

Amit Mishra
Latest entries

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Join Instagram

Join Now

Also Read

वर्ल्ड टाइगर डे पर विशेष:- सफेद बाघ का बच्चा जिसकी संतान है उस “मोहन” की कहानी (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज संपादक की कलम से)

शहरी भारत को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में केंद्र के बड़े कदम: पीएम आवास, जल सुरक्षा और सतत विकास पर फोकस*

आशीष कुमार दास इंफोसिस के अगले सीईओ होंगे, वे 1 अप्रैल 2027 से पूर्णकालिक सीईओ और एमडी होंगे

नियम — कानून ना मानने वालों का कैसा संवैधानिक अधिकार !!! नाबालिग से बलात्कारियों की सजा फांसी तय हो (मनोज कुमार द्विवेदी)

छत्तीसगढ़ की वैश्विक अस्मिता की नायिका : तीजन बाई (श्रद्धांजलि)

आषाढ़ मास के प्रथम दिवस रामगढ़ की पहाड़ी में विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला जहां महाकवि कालीदास ने “मेघदूत” की रचना के साथ मंचन भी किया था!

Leave a Comment