म्यूजियम में रखा जाएगा राजकीय पशु वन भैंसा का कंकाल, कब्र से निकाले जाएंगे अवशेष

रायपुर (वायरलेस न्यूज़) गरियाबंद जिले के उदंती अभ्यारण्य में कुछ वर्ष पहले तक बड़ी संख्या में राजकीय पशु वन भैंसा पाये जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे इसकी संख्या ऐसे घटी की अब मात्र 7 नर वन भैंसा ही

अभयारण्य में बचे हैं, जिसमें से एक वन भैंसा प्रिंस आंख की परेशानी की वजह से बीमार है। खुले जंगल में एक भैंसा राजा घूम रहा है। वहीं आने वाली पीढ़ी को राजकीय पशु वन भैसा के कंकाल से उनके बारे में जानकारी मिल सकेगी।

उदंती अभयारण्य के कक्ष क्रमांक-82 में वन विभाग द्वारा संरक्षण-संवर्धन केंद्र बनाकर 30 हेक्टेयर जंगल बाड़े में 5 वन भैंसा छोटू, मोहन, वीरा, सोमू एवं हीरा को रखा गया है। घटती संख्या को देखते हुए वन विभाग द्वारा वन भैंसा के कंकाल को संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है, जिससे आने वाली पीढ़ी को वन भैंसा के बारे में जानकारी दी जा सके। देश में यह पहला मामला है, जब वन भैंसा के कंकाल को संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है। श्यामू और जुगाड़ू वन भैंसा का कंकाल आम लोगों के लिए जिज्ञासा का केंद्र बिंदू रहेगा। वैसे भी वन भैंसा का कंकाल किसी भी म्यूजियम में नहीं रखे गए हैं।