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मेरा राज्‍य मेरी संस्‍कृति – प्रो. कैलाश पटनायक ने कहा कि भाषा हमारी परंपरा की सशक्‍त धरोहर है महान राष्‍ट्र को श्रेष्‍ठ बनाने में करें योगदान : प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ओडिया तथा मराठी में अनुवाद करने पर जोर दिया कोरापुट के कुलपति प्रो. शरत कुमार पालिता

On: March 16, 2022 6:39 AM

वर्धा, वायरलेस न्यूज़16 मार्च 2022 : एक भारत श्रेष्‍ठ भारत योजना के अंतर्गत महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय एवं ओडि़शा केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, कोरापुट के संयुक्‍त तत्‍वावधान में मंगलवार, 15 मार्च को आयोजित ‘मेरा राज्‍य मेरी संस्‍कृति’
कार्यक्रम में विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा कि भारत एकात्‍म भाव का देश है। यह सहस्‍त्राद्धि से इसी भाव का चरितार्थ करते आ रहा है। इस महान राष्‍ट्र को श्रेष्‍ठ बनाने में युवाओं को अपना योगदान देना चाहिए।
दूर शिक्षा निदेशालय के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. शुक्‍ल उद्घाटन भाषण दे रहे थे। कार्यक्रम की अध्‍यक्षता ओडि़शा केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, कोरापुट के कुलपति प्रो. शरत कुमार पालिता ने की। इस अवसर पर विश्‍व भारती, शांतिनिकेतन के ओडिया विभाग के पूर्व विभागाध्‍यक्ष कैलाश पटनायक ने व्‍यक्‍त किए। कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि एक भारत श्रेष्‍ठ भारत योजना के माध्‍यम से विगत चार वर्षों में विद्यार्थियों में यह एक सफल अभियान है और इसमें उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों की भूमिका महत्‍वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से भावनाएं और अनुभूतियां हमें जोड़कर रखती है। उन्‍होंने इस अभियान को निरंतर चलाने के लिए दोनों विश्‍वविद्यालय के विद्यार्थी और नोडल अधिकारियों को शुभकामनाएं दी।

प्रो. कैलाश पटनायक ने कहा कि भाषा हमारी परंपरा की सशक्‍त धरोहर है। भाषाओं को बचाने के लिए हमें सचेत रहने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने कहा कि
महाराष्‍ट्र और ओडि़शा की संस्‍कृति, साहित्‍य और लोक परंपराओं को जीवित रखने के लिए मराठी और ओडिया में प्रकाशित पुस्‍तकों का अनुवाद किया जाना चाहिए। उन्‍होंने विभिन्‍न उदाहरणों के माध्‍यम से दोनों भाषाओं में समानताओं का उल्‍लेख अपने वक्‍तव्‍य में किया।अध्‍यक्षीय उद्धोधन में प्रो. शरत कुमार पालिता ने कहा कि पिछले 15 दिन से चल रहे कार्यक्रम में विद्यार्थियों अपनी संस्‍कृति, एकता और विविधताओं का प्रदर्शन किया। उन्‍होंने महत्‍वपूर्ण रचनाओं का ओडिया तथा मराठी में अनुवाद करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में स्‍वागत वक्‍तव्‍य ओडि़शा केंद्रीय विश्‍वविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. सौरभ गुप्‍ता ने दिया तथा महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय की एक भारत श्रेष्‍ठ भारत की नोडल अधिकारी डॉ. प्रियंका मिश्र ने धन्‍यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर एक भारत श्रेष्‍ठ भारत के सह-नोडल अधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश पाण्‍डेय, डॉ. यशार्थ मंजुल, डॉ. जयंत उपाध्‍याय, डॉ. अमरेंद्र शर्मा, डॉ. भरत पण्‍डा, डॉ. जगदीश नारायण तिवारी, डॉ. गिरीश पांडे, डॉ. प्रकाश नारायण त्रिपाठी, अंजनी राय सहित अध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्‍या में उपस्थित थे।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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