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Chhattisgarh के IAS अवनीश शरण और Odisha के IPS अरुण ने एयरपोर्ट पर हुई परेशानी का पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा…

On: March 19, 2022 10:28 AM

रायपुर (वायरलेस न्यूज़) CG के इस IAS को पड़े लौकी-बैंगन के 2 हजार, साझा किया दिलचस्प किस्सा

ओडिशा के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर IPS अरुण बोथरा का एक ट्वीट इन दिनों काफी चर्चा में है। इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए छत्तीसगढ़ के IAS अवनीश शरण ने जो बातें कहीं हैं लोग उसे जानकर भी हैरान हैं। दरअसल, पुरा मामला मटर से भरे बैग की एक वायरल तस्वीर से जुड़ा है। इस तस्वीर के साथ दोनों राज्यों के अधिकारियों ने रोचक बातें शेयर की हैं।

बता दें कि तीन दिन पहले IPS अरुण ने अपने ट्वीटर पर एक तस्वीर शेयर की। इसमें मटर से भरा बैग है। बैग की वजह से जयपुर एयरपोर्ट पर एंट्री करने से रोक दिया गया। एयरपोर्ट पर चेकिंग के समय आईपीएस अधिकारी के बैग से हरी मटर निकलीं। हरी मटर से भरा बैग देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी भी हैरान रह गए। अरुण बोथरा ने खुद अपने बैग की एक फोटो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की है। सिक्योरिटी चेकिंग में मटर की वजह से अरुण बोथरा का विवाद हुआ, उन्होंने ये मटर 40 रुपये प्रति किलो के दाम में जयपुर से खरीदी थीं। हालांकि बाद में उन्हें जाने दिया गया।

Chhattisgarh के IAS अफसर अवनीश शरण ने जब IPS अरुण की पोस्ट देखी तो उन्हें अपने साथ हुआ दिलचस्प वाक्या याद आ गया। अवनीश मृूलत: बिहार के रहने वाले हैं। अक्सर वो बिहार आते जाते रहते हैं। उन्होंने पिछली ट्रिप को याद करते हुए बताया कि- मुझे याद है जब मैं पिछली बार घर से लौट रहा था तो मुझे इंडिगो वालों को सब्जी लाने के लिए रुपए देने पड़े थे। अवनीश शरण ने बताया कि मैंने एयरपोर्ट पर कर्मचारियों को शुल्क के तौर पर 2 हजार रुपए दिए वो भी लौकी और बैंगन के लिए। तब मुझे आने दिया गया।

IAS अवनीश शरण ने मीडिया को बताया कि इंडिगो ने नियम बना रखा था कि एक पैसेंजर एक बैग। वो एक यात्री के साथ एक ही बैग की अनुमति दे रहे थे। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी मेरे पास दो बैग थे, एक में सब्जियां थीं। एयरपोर्ट पर हम 15 किलो से कम वेट ले जा सकते हैं, वेट कम ही था। मगर बैग दो होने की वजह से मुझे एक्स्ट्रा शुल्क देना पड़ा था।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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