एक माह से अधिक समय हो गये हडताल पर जिससे कार्य और श्रमिक दोनों प्रभावित हो रहे

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) – रोजगार सहायकों के हडताल पर जाने से पंचायतों के महात्मा गांधी नरेगा के कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गये है ऐसे में नरेगा से निर्माण कार्यो के साथ साथ मनरेगा से जुडे श्रमिक भी परेशान हो रहे है । पंचायतों में ग्रमीण काफी आक्रोषित है कहीं कहीं उनको नरेगा के कार्यो का लाभ नही मिल पा रहा है और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है

अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले लगभग डेढ माह से रोजगार सहायक हडताल पर है और पंद्रह दिनों में बारीश का भी आगाज होने वाला है
जिसके कारण पंचायतों के नरेगा के विकास कार्य में देरी हो रही है ।
जिसे देखते हुए जिला पंचायत सीईओ नें 17/5/22 को रोजगार सहायकों कों कार्य पर उपस्थित होने लेटर जारी किया है
जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अनुसार श्रम रोजगार की मांग करने पर 15 दिवस के भीतर काम उपल्ब्ध कराना अनिवार्य है
दिनांक 4/4/22 से अनुपस्थित रहकर अपने शासकीय कर्तव्य की अवहेलना की जा रही है जिसके कारण श्रमिकों को का्य उपल्ब्ध नही हो पा रहा है ।

अत: इस पत्र के माध्यम से आपको सूचित किया जाता है कि 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य पर उपस्थित होंवे । निर्धारित समयावधि में कर्तव्य पर उपस्थित नही होने की स्थिति में आपको पद से पृथक करके आपके स्थान पर नयी नियुक्ति की कार्यवाही की जावेगी ।

मनरेगा अधिनियम अनुसार इनके द्वारा कराए गये कर्यो के भुगतान के आधार पर रोजगार साहयकों / तकनिकी सहायकों/ एवं कार्यालिन स्टाफ का मानदेय का निर्धारण होता है जब कार्य ही समय से टारगेट में पूरा नही होगा तो मानदेय का निर्धारण कैसे होगा महिनों से मानदेय की परवाह किये बिना हडताल पर बैठे हुए है जबकि इस ओर किसी रोजगार सहायकों व तकनीकी सहायक का ध्यान नही है ।