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देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा और आदर्श बनी प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु – भगवानू

On: July 21, 2022 4:10 PM
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स्व जोगी के विचारधारा का अनुसरण किया, आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देकर छतीसगढियो का मान बढ़ाया – भगवानू

ओड़िसा की आदिवासी बेटी द्रोपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने पर देश में उत्साह का वातावरण।

आजाद भारत में प्रथम आदिवासी महिला का राष्ट्रपति बनना देश के लिए ऐतिहासिक दिन और गौरवशाली क्षण

छत्तीसगढ़ की एक मात्र क्षेत्रीय राजनीतिक दल JCCJ ने भी दिया था समर्थन।

रायपुर,छत्तीसगढ़, (वायरलेस न्यूज़ 21 जुलाई 2022) छत्तीसगढ़ की एकमात्र मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय राजनीतिक दल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने ओडिशा राज्य की एक गरीब आदिवासी परिवार में जन्मी, एक आदिवासी बेटी श्रीमती द्रोपति मुर्मू के देश के प्रथम महिला राष्ट्रपति बनने पर देश और प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए कहा देश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है और गौरव का क्षण है। आज पहली बार आजाद भारत में ओडिशा राज्य की एक आदिवासी बेटी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का चुनाव जीती है जिससे ना सिर्फ आदिवासी बल्कि के लिए सम्पूर्ण भारतवासी गर्व महसूस कर रहे है। नायक ने कहा द्रोपदी मुर्मू का जीवन देश की महिलाओं के लिए आदर्श और प्रेरणा बन गया है जिसने अपने जीवन काल में विपरीत परिस्थितियों से हार नहीं माना। अपने जीवनकाल में अपने दो बेटों को खोया ,अपने पति को खोया, इतने हादसों के बाद भी उनका हौसला कभी कमजोर नहीं हुआ बल्कि उन्होंने समाज सेवा में अपने जीवन को समर्पित किया। यही कारण है कि वह दो बार ओडिशा राज्य में मंत्री बनी, झारखंड की राज्यपाल बनी और अब देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त की है। नायक ने कहा हमारी पार्टी के संस्थापक स्व अजीत जोगी भी गरीब आदिवासी परिवार में जन्म लिए जिन्होंने नए विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष किया, उच्च शिक्षा प्राप्त किया अनेक पदों को सुशोभित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का प्रथम मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया। स्व अजीत जोगी जी के विचारधारा के अनुरूप ही हमारी पार्टी ने श्रीमती द्रोपदी मुर्मु को राष्ट्रपति पद के लिए अपना भी समर्थन दिया और अपनी छोटी से भूमिका निभाते हुए छत्तीसगढियो का मान बढ़ाया ।

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Amit Mishra
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अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Amit Mishra

अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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