हमारी सरकार ने आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
बिलासपुर (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज) मुंगेली विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के पाॅच ग्रामों को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदान किया।

इनमें ग्राम महामाई, बाबूटोला, बम्हनी, कटामी, मंजूरहा शामिल हैं। इस अवसर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष एवं बिल्हा विधान सभा क्षेत्र के विधायक श्री धरम लाल कौशिक, मुंगेली विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले, लोरमी विधायक श्री धर्मजीत सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री थानेश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लेखनी सोनू चंद्राकर, कलेक्टर श्री राहुल देव, पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रमोहन सिंह, नगर पालिका परिषद मुंगेली के अध्यक्ष श्री हेमेंद्र गोस्वामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संजीत बनर्जी, मुंगेली मण्डी बोर्ड के अध्यक्ष श्री आत्मा सिंह क्षत्रिय, छत्तीसगढ़ मछुआ बोर्ड के सदस्य श्री प्रभु मल्लाह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबालिका साहू, वनमण्डलाधिकारी श्री गणेश राजन, अपर कलेक्टर श्री तीर्थराज अग्रवाल, प्रतिष्ठित नागरिक श्री सागर सिंह बैस, संयुक्त कलेक्टर श्री नवीन भगत, मुंगेली एसडीएम श्री अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के नागरिकों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने गुंडाधुर, गेंदसिंह, वीर नारायण सिंह जैसे अनेक आदि पुरूषों को नमन किया और कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान है। आदिवासियों का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान रहा है। हमारी सरकार ने आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया है। छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ ही हमने आदिवासियों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए। आदिवासी हितों के लिए ऐसे कार्य किए गए जो राज्य बनने के बीस वर्षों में नहीं हुए। हमारी सरकार ने पेसा कानून को पूरी तरह क्रियान्वित करने के लिए नियम बनाए और यह खुशी की बात है कि 08 अगस्त को इसका प्रकाशन छत्तीसढ़ राजपत्र में भी हो गया है। यह कानून लागू होने से ग्राम सभा का अधिकार बढ़ेगा। ग्राम सभा के 50 प्रतिशत सदस्य आदिवासी समुदाय से होंगे। इस 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत महिला सदस्य होंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रकाशित आदिवासी विद्रोह एवं अन्य पुस्तिकाओं का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सामुदायिक अधिकार मान्यता पत्र और व्यक्तिगत मान्यता पत्र का वितरण किया है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र के तहत आदिवासियों और वन क्षेत्रों के परंपरागत निवासियों को दी गई ।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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