कोलता समाज के नुआखाई बंधु मिलन समारोह में पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल
निकाले जा रहे कई सियासी मायने


रायगढ़। (वायरलेस न्यूज़) जिले के पुसौर तहसील में आयोजित छत्तीसगढ़ कोलता समाज पुसौर अंचल द्वारा नुआखाई बंधु मिलन समारोह में छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल पहुंचे और नुआखाई में शामिल हुए। समारोह को सम्बोधित करते हुए कोलता समाज को एक संगठित समाज बताया। उन्होंने कोलता समाज की संस्कृति व संस्कार की सराहना किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी रायगढ़ दौरे में कोलता समाज के नुआखाई में शामिल हुए थे।
इस अवसर पर समाज ने मांग रखी कि नुआखाई पर्व के दिन छत्तीसगढ़ सरकार ओडिशा सरकार की तरह शासकीय अवकाश घोषित करें। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री से चर्चा करके ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। बटमुल आश्रम महाविद्यालय के शासकीयकरण को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसकी प्रक्रिया चल रही है और इसी कार्यकाल में ही पूरा करने की बात कही ।कोलता समाज का यह बंधु मिलन समारोह ऐतिहासिक रहा वही राजनीतिक दृष्टि से आकलन किया जावे तो समाज की यूनिटी आगामी चुनावों में अलग छाप छोड़ेगी और राजनीतिक दलों के लिए यह चिंता का विषय भी है हालांकि समाज के अध्यक्ष ब्रजेश गुप्ता ने इस आयोजन के पीछे कोई राजनीतिक कारण से साफ इंकार कर दिया।
रायगढ़ जिले में कोलता समाज बहुतायत में है। सरिया व बरमकेला के सारंगढ़ जिले में चले जाने के बाद सियासी गणित बिगड़ सकती इसके बाद भी आगर जातीय समीकरण की बात करे तो भी कोलता समाज रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में ज्यादा ही है। लोइंग में कोलता समाज के नुआखाई कार्यक्रम व पुसौर के नवापारा में मुख्यमंत्री के दौरे के बाद उमेश पटेल मंत्री जी का कोलता समाज के बंधु मिलन समारोह में शामिल होने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। ब्रजेश गुप्ता वैसे भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी में है ऐसे में कोलता समाज की एकजुटता किस दिशा में मुड़ेगी यह कहना मुश्किल होगी।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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