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मानसिक संतुलन खो बैठे है मुख्यमंत्री बघेल सतनामी समाज के युवाओं को कुत्ता बताना बाबा गुरु घासीदास जी का अपमान- डॉ. बांधी

On: December 20, 2022 3:16 PM

.सतनामी समाज के युवाओं को कुत्ता बताना बंद करें भूपेश, ये युवाओं अपमान नहीं बल्कि गुरू घासीदास बाबा का अपमान है :डॉ. बांधी

.कुत्ते नहीं है सतनामी समाज के लोग ऐसा कह कर सतनामी समाज का अपमान न करें मुख्यमंत्री: डॉ. बांधी

सतनामी समाज के युवाओं को शाम को भौंकने वाला बताना मुख्यमंत्री की ओछी मानसिकता का परिचायक: डॉ. बांधी

.सत्ता के नशे में चूर मुख्यमंत्री भूल चुके हैं अपनी मर्यादा सतनामी समाज के युवाओं को कुत्ता कहना उनके मानसिक दिवालियापन का परिचायक: डॉ. बांधी

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) भाजपा प्रवक्ता कृष्णमूर्ति बांधी ने भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुंगेली जिले के लालपुर में गुरु बाबा घासीदास जी के जयंती कार्यक्रम में सतनामी समाज के युवाओं के विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया को घोर आपत्तिजनक टिप्पणी बताते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से सतनामी समाज के युवाओं को इशारों इशारों में कुत्ता कहकर बाबा गुरु घासीदास जी और सतनामी समाज का घोर अपमान किया है। चार साल की विफलताओं और वादाखिलाफी से आक्रोशित युवा जब मुख्यमंत्री से सवाल करते हैं, उनकी कुनीतियों का विरोध करते हैं तो वे बौखला जाते हैं। आपा खोकर अपशब्द कहते हैं। ओछी टिप्पणी करते हैं। अब तो हद हो गई कि गुरु बाबा जी के धार्मिक आयोजन में भूपेश बघेल ने सतनामी समाज के युवाओं की तुलना कुत्ते से कर दी। बघेल बौरा और उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया हैं। विक्षिप्त जैसा व्यवहार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की गरिमा को तार तार कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी कुंठा निकालते हुए उस महान गुरु घासीदास बाबा का अपमान किया है, जिन्होंने सभी मनुष्यों के एक समान होने का संदेश मानवता को दिया है। भूपेश बघेल ने सतनामी समाज को गाली दी है। सत्ता के नशे का ऐसा दुर्लभ उदाहरण कहीं नहीं मिलेगा। भूपेश बघेल अविश्वसनीयता के प्रतीक हैं जो कि मुख्यमंत्री पद पर बैठा कोई व्यक्ति इस तरह असभ्य, अभद्र और अमर्यादित हो सकता है।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि लोरमी के लालपुर में बाबा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम में भूपेश बघेल को सतनामी समाज के युवकों के विरोध का सामना क्यों करना पड़ा, उन्हें यह समझना चाहिए था और युवाओं की शिकायत का समाधान करना चाहिए था क्योंकि वे मुख्यमंत्री हैं। जब मुख्यमंत्री सभा को संबोधित कर रहे थे, उसी दौरान सतनामी समाज के युवकों ने बैनर-पोस्टर लहराकर आरक्षण मामले पर विरोध कर मुख्यमंत्री वापस जाओ के नारे लगाए तो इसके लिए ये युवा नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति वर्ग के साथ विश्वासघात करने वाले भूपेश बघेल जिम्मेदार हैं। इस पर भी मुख्यमंत्री ने पद की मर्यादा को तिलांजलि देते हुए यह तक कह दिया कि शाम होते कौन भौंकते हैं, उनसे हम डरने वाले नहीं। कांग्रेस बताये कि वह सतनामी समाज को क्या मानती है, बाबा गुरु घासीदास जी का परिवार या वह जो कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बता रहे हैं।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता श्री बांधी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सभा में अपने हक की बात करने गए युवाओं के प्रति इतना द्वेष मुख्यमंत्री की कुंठित मानसिकता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर, जिनका संदेश सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारा है, उस सतनामी समाज के युवाओं को भौंकने वाला कह कर मुख्यमंत्री ने पूरे अनुसूचित जाति समाज का सरेआम अपमान किया है। भारतीय जनता पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कृत्य माफी योग्य नहीं है। भाजपा कड़ा विरोध करेगी।

मनखे मनखे एक समान, कह गए गुरु घासीदास महान

सत्ता के अहंकार में चूर भूपेश बघेल जी मुंगेली जिले में आयोजित बाबा के जयंती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बन पहुंच तो गए लेकिन बाबा के इस उपदेश को पूरी तरह भूल गए और उनके ही अनुयायीयों के साथ ही अभद्रता कर बैठे…

अपना हक मांग रहे अनुसूचित जाति के लोगों को इन्होंने भरे मंच से कह दिया-

शाम को कौन भौंकते है मालूम है,और जो शाम को भौंकते हैं उनसे हम नहीं डरते…

अब सवाल ये है कि भूपेश जी को ये अधिकार किसने दे दिया कि वो अपना हक मांग रहे पूरे अनुसूचित जाति समाज को भौंकने वाला घोषित कर दें? और लोकतंत्र में अपना हक मांगना कब से गुनाह हो गया?

जिस तरह गुरु समाज के दर्पण होते है,उसी तरह मुख्यमंत्री भी राज्य का दर्पण होता है लेकिन मुख्यमंत्री और इनके पिताश्री के बयानों ने पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश को इतना शर्मशार कर दिया है कि- आज राज्य की जनता इस मुख्यमंत्री रूपी दर्पण को एक पल के लिए भी देखना नहीं चाहती..!

ऐसे तुच्छ मानसिकता के व्यक्ति को मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है,
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अनुसूचित जाति समाज से माफी मांगते हुए अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब तक समाज से माफी नहीं मांगते तब तक भाजपा भूपेश बघेल का पुतला दहन, एससी – एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर, धरना-प्रदर्शन ज्ञापन आंदोलन करती रहेगी। जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में आज दिनांक 20 दिसम्बर 2022 को पुतला दहन, 22 दिसम्बर को थानों में एफआईआर तथा 29 या 30 दिसम्बर को 1 दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर माननीया राज्यपाल महोदया जी को ज्ञापन दिया जाएगा।

इस दौरान किशोर रॉय पूर्व मेयर, प्रकाश सूर्या जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा, एस कुमार मनहर जिला मंत्री, बी पी सिंह प्रदेश कार्यसमिति किसान मोर्चा , तिलक साहू उपस्थित रहें

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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