बिलासपुर/रायगढ (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज 26 मार्च ) – कलेक्टर रायगढ द्वारा तमनार क्षेत्र के ग्राम गारे, खम्हरिया, करवाही,लमदरहा व सराइटोला के भूमि क्रय,विक्रय, डायवर्सन तथा नव निर्माण पर रोक लगाने हेतु पत्र लिखकर अनुविभागीय अधिकारी घरघोड़ा को आदेशित किया गया है।

कलेक्टर कार्यालय रायगढ के पत्र क्रमांक 2464/भू-अर्जन/2023 रायगढ दिनांक 21/3/2023 अनुसार जिंदल स्टील एन्ड पावर लिमिटेड को तमनार तहसील के गारे पेलमा कोला माइंस क्षेत्र में गारे पेलमा सेक्टर ।v/6 कोयला मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आवंटित किया है। तदनुसार आवेदक संस्था द्वारा 17 अक्टूबर 22 को खनिज कोयला खनी पट्टा स्वीकृति हेतु संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म छग को पत्र प्रेसित किया था।

खनिज विभाग रायगढ के पत्र क्रमांक 47 / खलि 01/2023 रायगढ दिनांक 12 जनवरी 2023 को संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म को उपलब्धता प्रतिवेदन भेजने के पश्चात कलेक्टर रायगढ द्वारा उक्त क्षेत्र के भूमि क्रय विक्रय डायवर्सन व नव निर्माण पर रोक लगाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी घरघोड़ा को लिखा गया है।

अब देखना यह है कि कलेक्टर रायगढ के पत्र पर उचित कार्यवाही करते हुये तहसीलदार, पंजीयक, व अन्य विभाग को सूचित कर वास्तविकता के धरातल पर रोक लगाया जायेगा अथवा दो वर्ष पूर्व प्रतिबंधित क्षेत्र के भूमि के क्रय विक्रय की अनुमति का जो खेल खेला गया और इसकी आड़ में सैकड़ों करोड़ का आर्थिक अपराध किया गया उसका पुनरावृति होगा?
जानकर आश्चर्य होगा कि दो वर्ष पूर्व अनुविभागीय अधिकारी घरघोड़ा को कलेक्टर भू-अर्जन शाखा रायगढ का पत्र क्रमांक 2106/भू-अर्जन/2021 दिनांक 26 फरवरी 2021में चितवाही डोलेसरा,ढोलनारा,गारे,झिकाबहाल, लिबरा,रोडोपाली,टिहलीरामपुर,सरसमाल, मुड़ागांव,सराई टोला,पाता, कुंजेमुरा के निजी भूमि मेसर्स महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कम्पनी को कॉल माईन आबंटित होने पर उक्त गांवों के भूमि के क्रय विक्रय डायवर्सन नव निर्माण पर रोक लगाए गया था, अजब गजब खेल के लिये बहु चर्चित अधिकारी व उसका विश्वसनीय बाबू जिसका रायगढ में एक शो रूम है ने मिलकर छह माह तक कलेक्टर के उक्त पत्र को दबाये रखा और उसके बाद 13 अगस्त 2021 को अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के पत्र क्रमांक 1519/आर-1/2021 को तमनार तहसीलदार व सचिव ग्राम पंचायतों को पत्र लिखा गया। इस पत्र में भी कलेक्टर रायगढ के आदेश में उल्लेखित भूमि की बिक्री पर रोक सम्बन्धी विषय को छुपाते हुये मकान निर्माण पर ही रोक लगाने का आदेश दिया गया। इस तरह उक्त अवधि में सैकड़ों पंजीयन कर अनैतिक आर्थिक लाभ उक्त विवादित बाबू के बहकावे में प्राप्त किया गया।