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रामायण महोत्सव आयोजन की आड़ लेकर कांग्रेस में चल रही वर्चस्व की लड़ाई:- उमेश अग्रवाल*

On: May 27, 2023 1:58 PM

*गुटबाजी की लड़ाई रावण की असुरी प्रवृति का प्रमाण बोले जिलाध्यक्ष उमेश*

रायगढ़ :- रामायण आयोजन की आड़ में वर्चस्व की लड़ाई करने वाली कांग्रेस को नसीहत देते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा राम सनातन धर्म के महानायक है उन्होंने पिता के वचनों को निभाने के लिए सिंहासन का त्याग किया और हंसते हुए चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया। प्रभु राम का जीवन हमे त्याग सेवा का संदेश देता है लेकिन स्थानीय स्तर पर रामायण महोत्सव के आयोजन को लेकर स्थानीय कांग्रेसियों में पोस्टर वॉर में अघोषित युद्ध छिड़ा हुआ है। रामायण आयोजन का पोस्टर लगाने वाले आयोजकों ने जिले में सभी विधायकों की तस्वीर को स्थान दिया है लेकिन स्थानीय विधायक की तस्वीर गायब है। रामायण के आयोजन की आड़ मे विधायक की तस्वीर गायब करना रायगढ़ की जनता के जनादेश का अपमान करने वाली घटना है। रावण के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ने के दौरान प्रभु राम ने वंचितों को गले लगाकर प्यार एकता का संदेश दिया। नाव चलाने वाले केवट को प्रभु राम ने गले लगाया। आगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेसी दावेदारों में गला काट प्रतिस्पर्धा मची हुई है। अपनी दावेदारी पुख्ता करने के लिए कांग्रेस से जुड़े समर्थक एक दूसरे की पीठ में छुरा भोक कर रामायण महोत्सव आयोजन सार्थकता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहेl भगवान राम ने राजपाट छोड़ा था और स्थानीय कांग्रेस राज पाट पाने के लिए विधायक की तस्वीर नही देकर आम जनता के जनादेश का ही अपमान कर रहे है।कांग्रेस के लिए राम सिर्फ नाम है जबकि भाजपा के लिए राम एक विचार है जिसकी झलक भाजपा के हर कार्यकर्ता के जीवन मे नजर आती है। राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के लिए लगाए गए होर्डिंग में स्थानीय विधायक को स्थान नही मिलने की घटना को जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने आपत्तिजनक बताया है। उमेश अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी से जवाब मांगा है कि होर्डिंग में लैलूंगा, खरसिया, धर्मजयगढ़ के विधायकों की फोटो को सम्मानजनक स्थान मिला है लेकिन स्थानीय रायगढ़ विधायक की तस्वीर को जगह क्यों नही मिली? क्या पार्टी संगठन से जुड़े लोग अपने ही विधायक के विरोध का संदेश देना चाहते है। होर्डिंग के जरिए राम महोत्सव के आयोजन का प्रचार प्रसार हो या न हो स्थानीय स्तर पर चल रही गुटबाजी की लड़ाई सड़क पर नजर आने लगी है। कांग्रेस पहले घर की लड़ाई को ठीक करे उसके बाद राम महोत्सव जैसे गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन करे ।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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