पति के मृत्यु परांत पत्नी दुतिका द्वारा मतदान की घटना को ओपी ने निरूपित किया पहले मतदान फिर दाह संस्कार की अनोखी मिशाल


पति की मृत्यु के बाद पत्नी द्वारा मतदान को ओपी ने बताया देहदान की तरह महान निर्णय
रायगढ़:- घर पर पति के शव का अंतिम संस्कार करने के पहले मरदान करने वाली सरिया मंडल के ग्राम बार निवासी दुतिका के निर्णय की भाजपा प्रत्याशी ओपी चौधरी ने सैल्यूट किया है। आदिवासी महिला के अदम्य साहस को नमन करते हुए ओपी ने कहा दाह संस्कार के पहले मतदान का निर्णय देश में लोक तंत्र की नीव को मजबूत करेगा। इस घटना को ओपी ने लोक तंत्र की महान घटना निरूपित करते हुए इस कार्य को देहदान की तरह महान निर्णय बताया। सरिया मण्डल स्थित ग्राम बार निवासी दुतिका सिदार ने 17 नवंबर मतदान के दिन पति शत्रुघन सिदार के आकस्मिक निधन के पश्चात पहले पहले मतदान का निर्णय लेते हुए पहले मतदान फिर दाह संस्कार की अनोखी एवम अदभुत मिशाल पेश की है।घटना का जिक्र करते हुए ओपी भावुक भी हुए एवम शत्रु घन घन सिदार की पत्नी दुतिका के निवास जाकर झुक कर नमन करते हुए कहा आपकी यह मिशाल आने वाली पीढ़ी को अनिवार्य मतदान के लिए सदा प्रेरित करती रहेगी। पति की मृत्यु से घर पर शोक का पहरा हो ऐसे कठिन समय में पत्नी दुतिका ने मोहल्ले वासियों से पहले मतदान करने का आग्रह किया इसके बाद दाह संस्कार करने का निर्णय लिया। पहले मतदान फिर दाह संस्कार के निर्णय के बाद वे स्वयं भी अपने बूथ पर पहुंची । दुख की इस घड़ी में भी अपने मत का प्रयोग करते हुए लोकतंत्र को मजबूत करने में जो अमूल्य योगदान दिया वह अदभुत एवम प्रेरणादाई मिशाल है। दूतिका की इच्छा अपने पति के साथ वोट डालने की थी लेकिन मतदान के दिन ही प्रातः 8.30 बजे उनके पति का आकस्मिक निधन होने की वजह से यह इच्छा पूरी नही हो पाई। पति के असमय मृत्यु से व्यथित दूतिका ने धैर्य एवम संयम का परिचय देते हुए उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया वह भारत देश में लोक लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करेगी। ऐसी नारी शक्ति को नमन करते हुए ओपी चौधरी ने मृत आत्मा के प्रति शोक व्यक्त करते हुए परिवार जनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की । ओपी ने दुख की इस घड़ी में सदा इस परिवार के साथ खड़े होने की बात भी कही।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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