मौत की कीमत मात्र 30 रुपए , मौत का कुआं..@ मेला…..
लोरमी ( वायरलेस न्यूज़) काफी दिनों से सुन रहा था, मेले में मौत का कुआं लगा हुआ है… जिंदगी और मौत के बीच की इस दूरी को देखने की कीमत मात्र ₹30 था। लगभग 20 साल बाद यह मंजर पुनः देखा… दिल में बहुत सारी संवेदनाएं जाग गईं…. कोई अपनी जान की कीमत ₹30 कैसे रख सकता है… शायद कुछ मजबूरियां होंगी…. पर शायद मैं इतना मजबूत नहीं था कि मात्र ₹30 में किसी की मौत और जिन्दगी के इस हैरतअंगेज कारनामे को देख पाऊं….. उस बाइक व कार की आवाज मेरे कानों को नहीं, दिल को झकझोर रहा था.. बड़ा हताश था कि मेले में यह भी मनोरंजन का एक साधन है….। लोग इसे भी अक्सर _फ्री_ में देखना पसंद करते हैं….! मेरा दिल गवाही नहीं दे रहा था कि मैं इसे किस तौर पर देखूं….. मनोरंजन या जिंदगी और मौत के बीच की लड़ाई के तौर पर देखूं। फिर भी लोग इसे ऐसा ही देखना पसंद करते हैं…. काश ₹30 के बजाय ₹300 दिया होता, दिल कहने लगा…. किसी की जान की कीमत ₹30 नहीं हो सकती। मैं नमन करता हूं ऐसे हैरतअंगेज कारनामे को दिखाने वाले भाइयों व बहनों को, मगर दिल से अपील भी करता हूं कि शायद अब मेलों में मौत का कुआं का कारनामा बंद कराकर… इन भाइयों को कोई बेहतर रोजगार मुहैया कराया जाए…।
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