*लाइन परिचारकों के मानदेय में बड़ा इजाफा, अब पेट्रोल भत्ता भी मिलेगा*

– मानदेय में लगभग 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अब मिलेंगे 19,366 रुपए प्रतिमाह

लाइन परिचारकों की आय बढ़ी, मानदेय में 4,721 रुपए की बढ़ोतरी

रायपुर ( वायरलेस न्यूज 22 जनवरी 2026) । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने संविदा पर कार्यरत लाइन परिचारकों के हित में दो बड़े फैसले लिये गए हैं, जिसमें पहला उनके मानदेय में लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय है। साथ ही कंपनी ने उनके नियुक्ति आदेश में उल्लेखित 10 वर्ष की संविदा सेवा के पश्चात् सेवासमाप्ति से राहत दी है।

माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सहानुभूतिपूर्वक पहल और मार्गदर्शन में यह फैसला लिया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह एवं डिस्ट्रीब्यूशन व जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने इस पर त्वरित निर्णय हेतु प्रेरित किया। ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यालय मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया हैं। जिसके अनुसार लाइन परिचारक (संविदा) का मूलवेतन 15600 रुपए होगा। इसमें पांच प्रतिशत मैदानी भत्ता प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही अनुभव के आधार पर विशेष भत्ता प्रतिमाह प्रदान किया जाएगा, जो तीन वर्ष से सात वर्ष तक के अनुभव के आधार पर चार स्लैब में होगा।

इसके पूर्व अब तक लाइन परिचारकों को 14,645 रुपए प्रतिमाह का फिक्स मानदेय दिया जा रहा था, यह अब 19,366 रुपए प्रतिमाह तक कर दिया गया है। इस तरह उनके मासिक मानदेय में 4,721 रुपएकी सीधी बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग 33 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। साथ ही उनकी नियुक्ति के समय जारी आदेश में उल्लेखित सेवा समाप्ति की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है, जिसमें उनकी नियुक्ति 10 वर्ष करने का उल्लेख किया गया था। अब कंपनी आवश्यकतानुसार एवं कार्य मूल्यांकन में योग्य पाए जाने पर संविदा सेवा अवधि को एक-एक वर्ष के स्लैब में विस्तारित किया जा सकेगा। अनुभव की गणना प्रथम नियुक्ति आदेश के ज्वाइनिंग दिनांक से की जाएगी।

दोनों फैसले का लाभ ट्रांसमिशन कंपनी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के संविदा लाइन परिचारकों को समान रुप से मिलेगा। यह नई मानदेय व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। इसमें कर्मचारी भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रावधानों का लाभ देने के लिए अंशदान भी लिया जाएगा तथा नियुक्ता का अंशदान भी नियमानुसार देय होगा।

नई व्यवस्था के तहत लाइन परिचारकों के मानदेय ढांचे को अधिक व्यवस्थित किया गया है। इसमें 15,600 रुपए मूल मानदेय निर्धारित किया गया है, जिस पर 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा अनुभव के आधार पर विशेष भत्ता भी जोड़ा गया है, जिससे वरिष्ठ और अनुभवी कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लाइन परिचारकों को पहली बार 800 रुपए प्रतिमाह पेट्रोल भत्ता दिया जाएगा। फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों को रोज़ाना अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है, ऐसे में पेट्रोल भत्ता मिलने से उन्हें आवागमन खर्च में सीधी राहत मिलेगी। इस फैसले पर का विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है और कहा है कि यह निर्णय उनके कार्य की जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया एक सकारात्मक कदम है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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