*बिलासपुर।( वायरलेस न्यूज) वन्दे मातरम् मित्र मंडल की 248वीं साप्ताहिक बैठक अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के पावन अवसर पर होटल रेवेनस, बिलासपुर में गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।

समारोह में देश की प्रख्यात विदुषी *आचार्या डॉ. पुष्पा दीक्षित* मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। *अध्यक्षता तेजस्विनी छात्रावास की संचालिका एवं राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह-कार्यवाहिका सुश्री सुलभा ताई देशपांडे* ने की। *विशिष्ट अतिथि* के रूप में *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती दीपमाला कश्यप* एवं *समाज सेविका डॉ. संजना तिवारी* मंचासीन रहीं।

*प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र जैन* ने बताया कि वन्दे मातरम् मित्र मंडल विगत साढ़े चार वर्षों से हिन्दुत्व एवं समाज सेवा के क्षेत्र में निःस्वार्थ भाव से कार्यरत है। आज उन मातृशक्तियों का सम्मान किया गया जिनकी सेवाएँ समाज को नवीन दिशा प्रदान करती हैं। सम्मान हेतु विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 69 मातृशक्तियों के नाम प्राप्त हुए, जिनमें से आठ का चयन किया गया।

सम्मानित सभी आठ माताओं ने अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए अनाथ एवं वंचित बेटियों को परिवार का अंग बनाकर उनका पालन पोषण किया तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। यह कार्य आज के युग में अनुकरणीय है।

*सम्मानित मातृशक्तियाँ एवं उनका योगदान:*
1. *श्रीमती विजय लक्ष्मी मिश्रा*, पति श्री प्रफुल्ल मिश्रा: एक मंदबुद्धि बालिका को आश्रय प्रदान किया।
2. *श्रीमती सीता देवी मिश्रा*, पति स्व. श्री सुरेन्द्र नाथ मिश्रा: एक अनाथ बालिका का न केवल पालन किया अपितु उसे अधिवक्ता बनाकर आत्मनिर्भर बनाया।
3. *श्रीमती ममता मिश्रा*: मूक बधिर बच्चों का सहारा बनीं।
4. *श्रीमती उषा किरण बाजपेयी*: दलित एवं उपेक्षित बच्चियों को विधिक सहायता प्रदान की।
5. *श्रीमती शोभा त्रिपाठी*: दो अनाथ बेटियों को आश्रय दिया।
6. *डॉ. प्रेमलता येनडे*: 56 निर्धन कन्याओं का विवाह सम्पन्न कराया।
7. *श्रीमती रूपा सिंह*: स्लम एवं वनवासी क्षेत्र की बालिकाओं में शिक्षा व जागरूकता के साथ निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए।
8. *श्रीमती आराधना त्रिपाठी*: कैंसर पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क परामर्श एवं सस्ती दर पर औषधियाँ उपलब्ध कराईं।

समारोह को संबोधित करते हुए *विशिष्ट अतिथि डॉ. संजना तिवारी* ने कहा कि यद्यपि मातृ दिवस पाश्चात्य परंपरा है, किंतु माँ का पूजन यदि इसका उद्देश्य है तो यह सर्वथा ग्राह्य है।

*विभाग संघचालक डॉ. राजकुमार सचदेव* ने अपने उद्बोधन में कहा कि वन्दे मातरम् मित्र मंडल द्वारा मातृशक्ति का किया गया यह सम्मान अत्यंत प्रशंसनीय है।

*कार्यक्रम अध्यक्ष सुश्री सुलभा ताई* ने कहा कि बालिकाओं की सेवा वस्तुतः राष्ट्र की सेवा है।

*मुख्य अतिथि आचार्या डॉ. पुष्पा दीक्षित* ने कहा कि यदि विश्व को दो भागों में विभक्त करें तो एक ओर भारत होगा और दूसरी ओर संपूर्ण विश्व। भारत ही एकमात्र देश है जहाँ नारी की पूजा होती है। हमारी संस्कृति ही हमारी धरोहर है। संस्कृति एवं संस्कृत का अभाव निरक्षरता के समान है। विदेशियों ने हमारी संस्कृति पर प्रहार कर पाश्चात्य सभ्यता का प्रसार किया। भारत में नारी एवं मातृशक्ति का नित्य पूजन होता है, जबकि विदेश में वर्ष में एक बार होना भी उनके लिए संयोग मात्र है। भारतभूमि में जन्म लेने हेतु देवता भी तरसते हैं।

सभी सम्मानित माताओं को शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र भेंट किए गए। अतिथियों का स्वागत गमला, शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम का संचालन *श्री पृथ्वी सहगल*, शपथ *श्री नरेंद्र यादव*, गीत *श्रीमती आराधना त्रिपाठी*, राष्ट्रगीत का गायन तथा आभार प्रदर्शन *प्रदेश महामंत्री श्री जय सिंह चंदेल* ने किया।

कार्यक्रम के पश्चात सभी उपस्थित जनों ने झाल मुड़ी, रसगुल्ला सहित स्वल्पाहार ग्रहण किया।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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