5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर
गर्म समुद्र नाराज़ हो गया है : अब सुपर एल नीनो हमें भविष्य का आईना दिखाएगा
( वायरलेस न्यूज) प्रकृति हमें बार-बार चेतावनी देती रही कि संभल जाओ, परन्तु हम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ाते रहे, जिससे समुद्र भी गर्म हो गए। तूफान, हीटवेव और चरम मौसमी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उत्सर्जन इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दशक मानव इतिहास के सबसे खतरनाक जलवायु वर्षों में बदल सकते हैं।
अब पूरी दुनिया की नजर 2026-2027 के सुपर एल नीनो पर है। ऐसा ही एक शक्तिशाली एल नीनो 1876-78 में आया था, जिसमें दक्षिण और मध्य भारत के बड़े हिस्से प्रभावित हुए थे। फसलें नष्ट हुईं, पानी का संकट बढ़ा और लाखों लोग भूख व बीमारियों से मारे गए, जबकि दुनिया भर में करोड़ों लोग प्रभावित हुए। आज विश्व की आबादी पहले से कहीं अधिक है। ऐसे में 2026-2027 का सुपर एल नीनो हमें भविष्य का वह आईना दिखा सकता है, जिसमें पृथ्वी अधिक गर्म, अधिक अस्थिर और अधिक खतरनाक दिखाई देगी। यह हमें अधिक तापमान वाली एक नई दुनिया की ओर ले जा सकता है।
एल नीनो और ला नीना प्रशांत महासागर में कुछ वर्षों के अंतराल पर होने वाले दो विपरीत मौसमीय बदलाव हैं। जब प्रशांत महासागर का मध्य और पूर्वी भाग सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है तो उसे एल नीनो कहा जाता है, जिससे दुनिया का तापमान और मौसम प्रभावित होता है। इसके विपरीत जब वही क्षेत्र सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है तो उसे ला नीना कहा जाता है। एल नीनो आमतौर पर वैश्विक गर्मी बढ़ाता है, जबकि ला नीना कुछ समय के लिए उसे थोड़ा कम करती है।
लेकिन अब स्थिति पहले जैसी नहीं रही। पहले एल नीनो एक प्राकृतिक घटना माना जाता था, पर अब जलवायु परिवर्तन ने इसे अधिक खतरनाक बना दिया है। समुद्र पहले से ही रिकॉर्ड स्तर तक गर्म हैं। वैज्ञानिक जेम्स हैनसेन सहित कई वैज्ञानिक चेतावनी दे चुके हैं कि जल्दी ही पृथ्वी का तापमान औद्योगिक युग की तुलना में 1.5°C से ऊपर जाएगा और बाद के वर्षों में 2.0°C से ऊपर पहुँच सकता है। हैनसेन के अनुसार 2027 में पृथ्वी अस्थायी रूप से लगभग 1.7°C तक की गर्मी महसूस कर सकती है। यह दुनिया को भविष्य की उस जलवायु की झलक दिखा सकता है, जहाँ अत्यधिक गर्मी, बाढ़, कम वर्षा, सूखा और मौसमीय अव्यवस्था सामान्य बात हो जाएगी। विश्व स्तर पर सूखा, बाढ़, जंगल की आग, हीटवेव और खाद्य संकट बढ़ सकते हैं। समुद्र का बढ़ता तापमान तूफानों और चक्रवातों को अधिक ऊर्जा देगा। गर्म समुद्र ज्यादा बादल बनाते हैं और गर्म वातावरण अधिक जलवाष्प रोकता है, जिससे कम समय में अत्यधिक वर्षा और विनाशकारी बाढ़ की घटनाएँ बढ़ सकती हैं।
भारत पर इसका प्रभाव सबसे गंभीर रूप में महसूस किया जाएगा क्योंकि यहाँ बड़ी आबादी मानसून और कृषि पर निर्भर है। उत्तर-पश्चिम भारत जैसे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली क्षेत्र में अत्यधिक हीटवेव और पानी का संकट बढ़ सकता है। पूर्वी और मध्य भारत में हीटवेव के अलावा सूखा, तेज आंधी, असामान्य वर्षा और बिजली गिरने की घटनाएँ बढ़ सकती हैं। हिमालयी राज्यों में भूस्खलन, बादल फटने और ग्लेशियर लेक फटने की घटनाएँ तेज हो सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में समुद्री गर्मी और चक्रवातों की तीव्रता बढ़ सकती है। दक्षिण भारत में मानसून की अनियमितता, अत्यधिक वर्षा और शहरी बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
कंक्रीट, कम पेड़, बढ़ती जनसंख्या और एयर-कंडीशनर आधारित जीवनशैली ने शहरों को “हीट ट्रैप” बना कर नया संकट पैदा कर दिया है। बिजली की मांग बढ़ेगी, पानी का संकट बढ़ेगा, आंधी तूफ़ान से और लंबे पावर कट आम लोगों को भारी परेशानी में डाल सकते हैं। अधिक आर्द्रता और लंबी गर्मी अधिक मच्छर पैदा करेगी जिससे बीमारियाँ बढ़ेंगी। गर्म और उमस भरे मौसम में गरीब, मजदूर, किसान और झुग्गी क्षेत्रों में रहने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
ज्वालामुखी फटते हैं, भूकंप आते हैं, जंगल जलते हैं और प्रकृति समय के साथ खुद को संभाल लेती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन अलग है। यह प्रकृति का काम नहीं, बल्कि मानव गतिविधियों का परिणाम है। इस बार इंसान ने स्वयं पृथ्वी को चोट पहुँचाई है और उसे ऐसी स्थिति में पहुँचा दिया है, जहाँ वह मानो चट्टान की चोटी पर खड़ी हो — अब गिरी कि तब गिरी।
अब यदि अचानक कार्बन उत्सर्जन पूरी तरह बंद भी कर दिया जाए, तब भी तापमान बढ़ता रहेगा, क्योंकि गर्म और नाराज़ समुद्र अपने भीतर सोखी हुई गर्मी को लंबे समय तक छोड़ते रहेंगे और वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड भी लंबे समय तक बनी रहेगी। अब समय रहते हमें तकलीफों के साथ जीना सीखना पड़ेगा। आने वाले वर्षों में बार-बार आने वाले सुपर एल नीनो जलवायु संकट के साथ मानव सभ्यता के लिए बड़ी चेतावनी बन सकते हैं।
नितिन सिंघवी
9826126200
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.07.21मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की सौजन्य मुलाकात*
Uncategorized2026.07.21रोटरी ई-क्लब ऑफ बिलासपुर यूनाइटेड को मिला नया नेतृत्व, प्रमोद अग्रवाल बने अध्यक्ष, रौनक साव सचिव
Uncategorized2026.07.21मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार श्री विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश
Uncategorized2026.07.21रैम्प योजना के तहत जिंदल स्टील में वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम, स्थानीय एमएसएमई को मिले नए अवसर
