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छत्तीसगढ़ बिलासपुर की मिट्टी से उठा अंतरराष्ट्रीय सितारा “अवि” आज अंडर-18 जूनीयर्स एशिया कप में पाकिस्तान से भिड़ते दिखेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, खेल मंत्री अरुण साव, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरम लाल कौशिक ने शुभकामनाएं भेजी

On: June 5, 2026 5:57 AM

छत्तीसगढ़ हॉकी एव हॉकी बिलासपुर ने रचा इतिहास
गौरव का अध्याय फिर खुला – छत्तीसगढ़ की मिट्टी से उठा अंतरराष्ट्रीय सितारा! 🇮🇳

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) बिलासपुर की छोटी सी गली से निकलकर अवि मानिकपुरी का सफर आज एक नई ऊंचाई पर पहुँच गया है। उनका चयन अंडर-18 जूनीयर्स एशिया कप के लिए भारतीय टीम में हुआ है, जो इस बार जापान में आयोजित होगा। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पूरी हॉकी संस्कृति की जीत है।

अवि ने बिलासपुर के गली‑मैदानों से शुरुआत की जहाँ आभाव था लेकिन जुनून कभी कम नहीं हुआ। स्थानीय प्रतियोगिताओं से लेकर राज्य और फिर जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप तक, हर मैच में उन्होंने अपनी गति, टेकलिंग और गेम विज़न के ज़रिए चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। आज वह जापान की विश्व‑स्तरीय सुविधाओं वाले मैदानों में भारत की शर्ट पहनकर खेलेंगे – यह बदलाव उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का जीवंत प्रमाण है।

इस यात्रा में एक बड़ी भूमिका निभाई है छत्तीसगढ़ हॉकी संगठन ने, जिसने अध्यक्ष फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव, रोहित बाजपेयी प्रेसिडेंट हॉकी बिलासपुर और समर्पित कोचों – राजेश हेनरी, हरिशंकर हेटा, मृणाल चौबे, अनुराग श्रीवास्तव, अमिताभ मानिकपुरी – के साथ‑साथ धनीराम यादव, रवि पारिख, सोनू सिंह के मार्गदर्शन से अवि को निखारने का संकल्प लिया। उनके पिता जितेंद्र मानिकपुरी और माता शशिकला मानिकपुरी का ,धर्मेंद्र मानिकपुरी ,देवनारायण दीक्षित ,रतन कश्यप ,ओमकार यादव ,भी अटूट समर्थन उनकी सफलता की नींव है।

वर्तमान में अवि मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी, भोपाल में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहाँ ओलंपियन समीर दाद उनका व्यक्तिगत मार्गदर्शन करते हैं। समीर दाद ने अवि की ड्रिब्लिंग, पोजिशनिंग और टीम‑प्लेइंग की खास तारीफ करते हुए कहा है कि अवि जैसे युवा भारतीय हॉकी के भविष्य के आधार स्तंभ हैं। अकादमी की उन्नत सुविधाएँ और उच्च‑स्तरीय प्रशिक्षण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया है।

अंडर-18 जूनीयर्स एशिया कप, जापान – यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अवि के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ियों के साथ गेम‑सेंस और दम का असली परीक्षण है। यहाँ हासिल किया गया अनुभव भविष्य में सीनियर टीम और यहाँ तक कि ओलंपिक तक पहुँचने की नींव रख सकता है।

इस ऐतिहासिक चयन पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ, हॉकी संगठनों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और पूरे राज्य के खिलाड़ी‑समुदाय ने गहरा आनंद व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है और युवाओं में यह विश्वास जाग उठा है कि दृढ़ संकल्प और पुरुषार्थ से असंभव कुछ भी नहीं।

अवि की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, खेल मंत्री अरुण साव, विधायक बिलासपुर श्री अमर अग्रवाल, श्री धरम लाल कौशिक, विधायक बिल्हा, श्री अटल श्रीवास्तव, विधायक कोटा श्री सुशांत शुक्ला विधायक बेलतरा , रजनीश सिंह पूर्व विधायक तथा विक्रम सिसोदिया (महासचिव, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ) एवं नवीन सिंह पीसीएम एम तनुजा सलाम, संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री ए एक्का सहायक संचालक, अजीत लकड़ा एवं राकेश टोप्पो कोच ने उज्ज्वल भविष्य और श्रृंखला में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

Hockey India ने बुधवार को आगामी पुरुष अंडर-18 एशिया कप काकामिगाहारा 2026 के लिए 18 सदस्यीय भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम की घोषणा की। जापान की मेज़बानी में आयोजित होने वाला यह प्रतिष्ठित महाद्वीपीय टूर्नामेंट 29 मई से 6 जून 2026 तक खेला जाएगा।

अंतिम टीम चयन पर टिप्पणी करते हुए कोच Sardar Singh ने कहा,
“चयन प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रही, लेकिन हमने ऐसी 18 सदस्यीय टीम चुनी है जो हमें बेहतरीन सामरिक संतुलन प्रदान करती है। भोपाल में हमारा प्रशिक्षण शिविर और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेले गए एक्सपोज़र मैचों ने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दबाव और मैच की गति को समझने का शानदार अवसर दिया। पिछले कुछ हफ्तों में हमने सामरिक अनुशासन, पेनल्टी कॉर्नर रणनीतियों और टीम संरचना पर विशेष रूप से काम किया है। खिलाड़ी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—हम अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें, अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करें और देश के लिए ट्रॉफी जीतने की पूरी कोशिश करें।”

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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