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मुख्यमंत्री के गृह जिला में निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं,ठेकेदार की मनमानी पर कलेक्टर भी नहीं रोक पा रहे

On: July 10, 2026 6:14 PM

जशपुर। (विशाल सिंह राजपूत वायरलेस न्यूज छत्तीसगढ़) विकासखंड फरसाबहार के ग्राम झारमुंडा में निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चुडेलढाप में लगभग चार दिन पूर्व शुरू हुए सीसी सड़क निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।ग्रामीणों के अनुसार सीसी सड़क निर्माण में निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पॉलीथीन (प्लास्टिक शीट) बिछाई जानी चाहिए, ताकि कंक्रीट की मजबूती बनी रहे और नमी जमीन में न जाए। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा लागत बचाने के उद्देश्य से इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही सड़क की मोटाई भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बनाई जा रही है।बताया जा रहा है कि अब तक करीब 40 मीटर सड़क का निर्माण किया जा चुका है, लेकिन कंक्रीट को सघन और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक वाइब्रेटर मशीन का उपयोग भी नहीं किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार वाइब्रेटर का उपयोग नहीं होने से कंक्रीट के भीतर हवा के खाली स्थान बने रह जाते हैं, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले संबंधित विभाग के इंजीनियर की मौजूदगी नहीं थी और बिना तकनीकी निगरानी के ही कार्य प्रारंभ कर दिया गया। यदि यह आरोप सही है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने का है। जिला कलेक्टर द्वारा कई बार सभी निर्माण एजेंसियों को कार्य स्थल पर लागत, स्वीकृति, कार्य अवधि, निर्माण एजेंसी एवं संबंधित विभाग की जानकारी वाला बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद झारमुंडा में निर्माण स्थल पर ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है। इससे ग्रामीणों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि सड़क का निर्माण किस विभाग द्वारा कराया जा रहा है, उसकी स्वीकृत लागत कितनी है और कार्य किस एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के अभाव में ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य कर चले जाते हैं और कुछ ही महीनों बाद गुणवत्ता की कमी सामने आने लगती है। उन्होंने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्ता की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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