एसईसीएल की पाँच खदानों को मिला 5-स्टार दर्जा, उत्कृष्ट खनन का राष्ट्रीय सम्मान
बंगवार, खैराहा, बेहराबांध, विजय वेस्ट एवं जगन्नाथपुर परियोजना को कोयला मंत्रालय की प्रतिष्ठित 5-स्टार रेटिंग

फाइल फोटो : (एसईसीएल अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन नियमित खदान भ्रमण के दौरान। श्री दुहन समय-समय पर विभिन्न खदानों का दौरा कर सुरक्षा मानकों, वैज्ञानिक खनन, पर्यावरणीय प्रबंधन तथा परिचालन उत्कृष्टता से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हैं)
बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने उत्कृष्ट एवं उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कोयला मंत्रालय की प्रतिष्ठित स्टार रेटिंग में अपनी पाँच खदानों को 5-स्टार रेटिंग प्राप्त की है। बंगवार भूमिगत खदान (सोहागपुर क्षेत्र), खैराहा भूमिगत खदान (सोहागपुर क्षेत्र), बेहराबांध भूमिगत खदान (जोहिला क्षेत्र), विजय वेस्ट भूमिगत खदान (हसदेव क्षेत्र) तथा जगन्नाथपुर ओपनकास्ट परियोजना (भटगांव क्षेत्र) को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। किसी एक मूल्यांकन वर्ष में एसईसीएल की पाँच खदानों को एक साथ 5-स्टार रेटिंग मिलना कंपनी के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग प्रणाली देश की कोयला एवं लिग्नाइट खदानों के प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन करती है। इसके अंतर्गत सुरक्षित एवं वैज्ञानिक खनन, पर्यावरण संरक्षण, भूमि पुनर्वास, आधुनिक तकनीकों का उपयोग, श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण, वैधानिक अनुपालन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा परिचालन दक्षता जैसे विभिन्न मानकों पर खदानों का आकलन किया जाता है। इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खदानों को ही सर्वोच्च 5-स्टार रेटिंग प्रदान की जाती है।
इस वर्ष 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाली एसईसीएल की बंगवार, खैराहा, बेहराबांध एवं विजय वेस्ट भूमिगत खदानों ने सुरक्षित संचालन, वैज्ञानिक खनन, उत्पादन दक्षता, श्रमिक कल्याण तथा पर्यावरणीय प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं जगन्नाथपुर ओपनकास्ट परियोजना, जो इस वर्ष 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाली एसईसीएल की एकमात्र ओपनकास्ट परियोजना है, ने ओवरबर्डन प्रबंधन, हरित विकास, जल संरक्षण एवं सुरक्षित उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं।
इस उपलब्धि पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने कहा,
“एसईसीएल की पाँच खदानों को एक साथ 5-स्टार रेटिंग मिलना पूरे एसईसीएल परिवार के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। यह उपलब्धि हमारे अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यावसायिक सहयोगियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयास, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। सुरक्षित, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। आधुनिक तकनीकों और श्रेष्ठ खनन पद्धतियों को अपनाते हुए हम परिचालन उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। यह सम्मान हमें भविष्य में भी जिम्मेदार एवं सतत खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।”
अगर सभी खदानों की बात करें तो कोयला मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जारी स्टार रेटिंग मूल्यांकन में एसईसीएल की कुल 45 खदानों को 3-स्टार अथवा उससे अधिक रेटिंग प्राप्त हुई है। इनमें 5 खदानों को 5-स्टार, 19 खदानों को 4-स्टार तथा 21 खदानों को 3-स्टार रेटिंग प्रदान की गई है।
एसईसीएल की यह उपलब्धि न केवल कंपनी की परिचालन दक्षता और सुरक्षा संस्कृति को रेखांकित करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और उत्तरदायी खनन के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। कोल इंडिया लिमिटेड की अग्रणी अनुषंगी कंपनी के रूप में एसईसीएल आधुनिक तकनीक, नवाचार और श्रेष्ठ खनन प्रथाओं के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत है।
Author Profile

- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries
छत्तीसगढ़October 23, 2026राष्ट्रपति के आगमन को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव, विधायक पुरन्दर मिश्रा ने नुआखाई समारोह में दिया सेवा, संस्कार और समर्पण का संदेश
बिलासपुरOctober 22, 2026कोटा में कोल NOC पर मचा भारी बवाल दलालों की ‘फील्डिंग’ के खिलाफ सड़क पर उतरने को तैयार जनता,जनप्रतिनिधियों को दी चेतावनी
बिलासपुरOctober 21, 2026संजीवनी प्रभात शाखा के स्वयं सेवकों का नगर पथ संचलन कार्य सम्पन्न
अन्यOctober 21, 2026केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू की पहल से डोंगरगढ़–कटघोरा रेल परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त,रावघाट तक रेल पहुंचना छत्तीसगढ़ के रेल विकास में ऐतिहासिक उपलब्धि, नई परियोजनाओं से मजबूत होगी कनेक्टिविटी

