*अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन का कायाकल्प*

*आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम*

*दपूमरे, नागपुर मंडल – (वायरलेस न्यूज) 23 जुलाई 2026*

भारतीय रेल की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के समावेश के साथ स्टेशन को नया स्वरूप प्रदान किया गया है। पुनर्विकसित स्टेशन अब यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का भी सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।

पुनर्विकास के प्रथम चरण के अंतर्गत स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, मॉड्यूलर शौचालय, प्लेटफॉर्म तक सुगम पहुंच, अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली तथा उन्नत सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई है। यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए दोपहिया, तीनपहिया एवं चारपहिया वाहनों हेतु नई पार्किंग विकसित की गई है तथा पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार किए गए हैं।

दिव्यांगजन की सुविधा को विशेष प्राथमिकता देते हुए अलग टिकट काउंटर, रैंप तथा टैक्टाइल पाथवे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए चार आधुनिक एस्केलेटर स्थापित किए गए हैं, जबकि स्टेशन के पारंपरिक शैली में निर्मित मुख्य प्रवेश द्वार ने इसकी वास्तुकला को नई पहचान प्रदान की है।

सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्टेशन परिसर में 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 6 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज तथा प्रवेश एवं निकास द्वारों का आधुनिकीकरण कर भीड़ प्रबंधन और यात्री आवागमन को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाया गया है।

पुनर्विकास कार्यों के अंतर्गत स्टेशन के दक्षिणी हिस्से के फसाड (बाहरी स्वरूप) का सौंदर्यीकरण, बुकिंग कार्यालय का नवीनीकरण, पुराने गुड्स प्लेटफॉर्म को नए यात्री प्लेटफॉर्म में परिवर्तित करना तथा सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार भी किया गया है। स्टेशन परिसर में विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया है तथा रात्रिकालीन बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे पूरा परिसर सदैव प्रकाशमान रहेगा।

स्टेशन भवन के बाहरी स्वरूप को स्थानीय स्थापत्य शैली के अनुरूप विकसित किया गया है। परिसर में आकर्षक भित्ति चित्रों के माध्यम से राजनांदगांव के हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियों तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिससे स्टेशन स्थानीय कला और संस्कृति का भी परिचायक बन गया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के प्रथम चरण के सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं। वहीं, दूसरे चरण के अंतर्गत दो अतिरिक्त एस्केलेटर स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण कार्य प्रगति पर है।

आधुनिक सुविधाओं, उत्कृष्ट यात्री सेवाओं, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के समन्वय के साथ पुनर्विकसित राजनांदगांव रेलवे स्टेशन अब भारतीय रेल की आधुनिक सोच और यात्री-केंद्रित विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर यात्रियों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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