*”दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आरपीएफ की संवेदनशील पहल: ‘नन्हें फरिश्ते’ से 211 बच्चों की सकुशल घर वापसी”*

*’ऑपरेशन अमानत’ से यात्रियों को वापस मिला उनका 1 करोड़ 58 लाख से अधिक मूल्य का खोया सामान”*

*”सुरक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रभावी निर्वहन कर रहा है रेलवे सुरक्षा बल”*

बिलासपुर, (वायरलेस न्यूज 23 जुलाई, 2026)

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रेल यात्रियों एवं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ-साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ निर्वहन कर रहा है। यात्रियों की सहायता, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा तथा संकटग्रस्त व्यक्तियों को तत्काल राहत प्रदान करने के उद्देश्य से आरपीएफ द्वारा विभिन्न मानवीय अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में “ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते” के तहत वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 21 जुलाई तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में घर से भागे हुए अथवा अपने परिजनों से बिछड़े 211 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें 139 बालक एवं 72 बालिकाएं शामिल हैं। इन बच्चों को विभिन्न रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों से सुरक्षित बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उनके परिजनों अथवा संबंधित बाल कल्याण समिति एवं अधिकृत गैर-सरकारी संस्थाओं को सकुशल सुपुर्द किया गया।

इसी प्रकार, “ऑपरेशन अमानत” के अंतर्गत वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 21 जुलाई तक रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में यात्रियों द्वारा छूट गए 654 कीमती सामान, जिनमें बैग, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्स एवं अन्य मूल्यवान वस्तुएँ शामिल हैं, जिनका कुल अनुमानित मूल्य ₹1,58,01,814 है, खोजकर उनके वास्तविक स्वामियों को सुरक्षित वापस सुपुर्द किया। इस अभियान के माध्यम से न केवल यात्रियों को उनकी मूल्यवान अमानत वापस मिली, बल्कि रेलवे सुरक्षा बल की ईमानदारी, तत्परता एवं सेवा-भावना पर यात्रियों का विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ हुआ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का रेलवे सुरक्षा बल “सुरक्षा, सेवा एवं संवेदनशीलता” के मूल मंत्र के साथ चौबीसों घंटे सतर्क रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। आरपीएफ नियंत्रण कक्ष में संचालित सुरक्षा हेल्पलाइन एवं महिला हेल्पलाइन के माध्यम से यात्रियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में महिला आरपीएफ कर्मियों की तैनाती कर महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए रात्रिकालीन एवं अतिसंवेदनशील ट्रेनों में आरपीएफ द्वारा नियमित एस्कॉर्टिंग की जा रही है। इसके अलावा संवेदनशील रेलखंडों एवं ट्रेनों में डिकॉय टास्क फोर्स की तैनाती कर सामान चोरी, नशाखोरी, पॉकेटमारी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी एवं कर्मचारी यात्रियों, रेलवे परिसरों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए पूर्ण समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। ‘ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते’ एवं ‘ऑपरेशन अमानत’ जैसे अभियान आरपीएफ की सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा भावना तथा जनकल्याण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण हैं।

रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सभी रेल यात्रियों एवं आम नागरिकों से अपील करता है कि यदि रेलवे स्टेशन अथवा ट्रेन में कोई बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ा हुआ, असहाय अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे, या किसी यात्री का सामान छूटा हुआ अथवा लावारिस अवस्था में मिले, अथवा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अपराध या सुरक्षा संबंधी स्थिति दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दें। आप रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर अथवा निकटतम आरपीएफ कर्मी से संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आपकी सतर्कता किसी बच्चे को उसके परिवार से मिलाने, किसी यात्री की अमानत सुरक्षित लौटाने तथा रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित एवं संरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

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