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तीन साल बाद भी हाईकोर्ट के फैसले पर अमल नहीं, चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री अमित कटारिया (IAS) को अवमानना नोटिस*

On: July 24, 2026 11:17 AM

*तीन साल बाद भी हाईकोर्ट के फैसले पर अमल नहीं, चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री अमित कटारिया (IAS) को अवमानना नोटिस*

नर्सिंग कॉलेजों की नियमित भर्ती का मामला; हाईकोर्ट ने 2023 में 100% महिला आरक्षण के प्रावधान को किया था असंवैधानिक

बिलासपुर। ( वायरलेस न्यूज) शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक के पदों पर भर्ती से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया (IAS) को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच द्वारा 9 मार्च 2023 को पारित AFR निर्णय का अब तक विधि के अनुरूप अनुपालन नहीं किया गया।

अवमानना याचिका अभय कुमार किस्पोट्टा, डॉ. अजय त्रिपाठी एवं अन्य की ओर से अधिवक्ता नेल्सन पन्ना, आशुतोष मिश्रा एवं रूपेश साहू ने प्रस्तुत की है।

हाईकोर्ट ने निरस्त किया था 100 प्रतिशत महिला आरक्षण

मामले की पृष्ठभूमि वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी है। याचिकाकर्ताओं ने WPS क्रमांक 7183/2021 एवं संबद्ध याचिका के माध्यम से छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम, 2013 की अनुसूची-III के नोट-2 तथा 8 दिसंबर 2021 की भर्ती विज्ञप्ति के क्लॉज-5 को चुनौती दी थी।

9 मार्च 2023 को डिवीजन बेंच ने इन प्रावधानों को असंवैधानिक मानते हुए निरस्त कर दिया था। न्यायालय ने माना था कि शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक की सीधी भर्ती में महिलाओं के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के अनुरूप नहीं है।

CGPSC ने मांगा था संशोधित अधियाचन

अवमानना याचिका में कहा गया है कि फैसले के महज कुछ दिनों बाद 15 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर हाईकोर्ट के निर्णय की जानकारी दी थी। आयोग ने निर्णय के अनुरूप संशोधित अधियाचन (Revised Requisition) भेजने का अनुरोध भी किया था, ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद विभाग ने न तो भर्ती नियमों में अपेक्षित संशोधन किया और न ही नियमित भर्ती आगे बढ़ाने के लिए संशोधित अधियाचन आयोग को भेजा।

नियमित भर्ती के बजाय संविदा विज्ञापन जारी करने का आरोप

याचिका में यह भी कहा गया है कि पुराने निर्णय के अनुपालन की प्रतीक्षा के बीच चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को संविदा भर्ती का नया विज्ञापन जारी कर दिया। इसके खिलाफ भी अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

बाद की रिट याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से 15 मार्च 2023 के CGPSC पत्र का उल्लेख किए जाने को अवमानना याचिकाकर्ताओं ने इस बात के समर्थन में रखा है कि विभाग को वर्ष 2023 के न्यायालयीन निर्णय की जानकारी थी।

सचिव अमित कटारिया से मांगा जवाब

याचिकाकर्ताओं ने इसे न्यायालय के बाध्यकारी निर्णय की जानबूझकर एवं सविचारित अवज्ञा (Wilful and Deliberate Disobedience) बताते हुए अवमानना कार्रवाई की मांग की है।

23 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की पीठ ने अवमानना याचिका पर प्रतिवादी क्रमांक-1, चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया (IAS) को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

अब मामले में सचिव की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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