बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़ 21 जुलाई) कवर्धा के पंडरिया में संचालित लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल शक्कर कारखाना का अपशिष्ट मोलासेस का टेंडर बहुत कम दरों में स्वीकृत करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोबारा टेंडर में फैक्ट्री को 2 गुना से भी ज्यादा फायदा मिला है।
पंडरिया निवासी जयजय वर्मा ने अधिवक्ता संघर्ष पांडे के माध्यम से याचिका दायर कर बताया था कि 2019 में मोलासेस 66 सौ रुपए मैट्रिक टन में बेचा गया था। इसी साल सरगुजा में इसे 6500 रुपए की दर से बेचा गया था लेकिन पंडरिया में 4045 रुपए मेट्रिक टन पर बिक्री का टेंडर मंजूर कर लिया गया। ओडिशा के एक कंपनी मैसर्स जगन्नाथ को इसका ऑर्डर दिया गया। याचिका में कहा गया था कि बहुत कम दाम पर बेचने पर शासन व सोसाइटी को लाखों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शासन और शक्कर कारखाने की सोसाइटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब आने के बाद कोर्ट ने मुलासेस का दोबारा नए सिरे से टेंडर जारी करने का आदेश दिया। दोबारा टेंडर जारी करने पर यह 10 हजार 200 रुपये मीट्रिक टन पर बिका है। इससे सोसाइटी को मुनाफा हुआ और राज्य शासन को भी राजस्व के रूप में दोगुना से ज्यादा राशि मिली।
एक्टिंग चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा की कोर्ट में यह प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद याचिका मंगलवार को निराकृत कर दी गई
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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