जिले में 27 हजार मेट्रिक टन खाद का टारगेट,पूर्ति मात्र आधा,खाद कालाबाजारी चरम पर,अल्प वर्षा स्थिति में सुखा ग्रस्त मुवावजा हेतु निरीक्षण कब-जनता कांग्रेस जे/मुक्तिमोर्चा
जगदलपुर 06 अगस्त 2021
वायरलेस न्यूज अरुण पाढ़ी /
जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ जे के जगदलपुर अध्यक्ष एवं बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चाँद ने बयान जारी करते हुए कहा कि,बस्तर में किसानों को इस वर्ष खाद की किल्लत व कालाबजारी के लिए राज्य सरकार की उदासीनता व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही व केंद्र सरकार का अड़ियल रवैया जिमेदार है। कांग्रेस व भाजपा दोनो ही राष्ट्रीय पार्टी द्वारा बस्तर के किसानों की खाद की किल्लत ,कालाबजारी,व अन्य समस्याओं के वास्तविक समाधान के प्रयास करने के बजाए एक दूसरे के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर बस्तर के किसानों को गुमराह कर घड़ियाली आंसू बहा रहे है। जिसे बस्तर के किसानों ने व बस्तर की जनता ने पहचान लिया है। बस्तर के जनप्रतिनिधि व दोनो की पार्टियों के संघटन प्रमुख बस्तर के किसानों व जनता को यह बताये की जिले में 1 लाख 53 हजार हेक्टयर में लगभग खेती होती है। जिसके लिए इस वर्ष खाद का लक्ष्य 27 हजार मेट्रिक टन निर्धारित किया गया था। जिसे किसानों को वर्ष 2021 मई माह में सभी लेम्स के माद्यम से वितरित किया जाना था। आज वर्तमान में लक्ष्य से आधा ही भण्डार क्यों हो पाया है?,सम्बंधित विभाग द्वारा वर्ष 2020 में प्राप्त केंद्रीय खाद वितरण प्रणाली के तहत प्राप्त खाद का स्टॉक निर्धारित समय से पूर्व क्यों नही भरा गया?वर्ष 2021में वर्ष 2020 के खाद स्टॉक ऑनलाइन दिखने पर नए खाद के रैक नही लग पाने का दोषी कौन?,केंद्र सरकार द्वारा विभागीय मार्कफेड की गलतियों को जानने के बाद भी खाद की कमी को देख,किसान हित मे नियमो शिथिल कर खाद रैक की अनुमति क्यों नही दी?,राज्य सरकार द्वारा समय रहते विभागीय गलतियों के जिमेदार दोषियो पर कार्यवाही क्यों नही की? बस्तर के किसानों के इस ज्वलन्त सवालों का जवाब राज्य सरकार ,केंद्र सरकार ,बस्तर के जनप्रतिनिधियों व दोनो ही पार्टियों के संघटन प्रमुखों को देने चाहिए एवं किसानों की खाद की किल्लत ,कालाबजारी के मार पर रोक,व अन्य समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिये। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे व बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा राज्य ,केंद्र सरकार व बस्तर के जनप्रतिनिधियों से अपील करती है। कि वर्ष 2021 में आज पर्यन्त तक खेती के लिहाज से वर्षों कम हुई है। आगामी जिले में प्रभारी मंत्री की जिला बैठक में अल्प वर्षा के कारण सूखा ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण करवा सरकारी राहत योजनाओ की घोषणा करे, ताकि बस्तर के किसानों को लाभ पहुच सके।
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