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मैकेनिकल इंजीनियर की हत्या: धारदार हथियार से गला, पेट, पैर गोद डाला, शाम को घर से निकला था घूमने, अगले दिन जंगल में मिला शव

On: October 24, 2021 5:59 AM

( पुष्पेन्द्र श्रीवास वायरलेस न्यूज़ ) कोरबा में एक मैकेनिकल इंजीनियर की धारदार हथियार से गोद कर हत्या कर दी गई। उसका शव शनिवार को जंगल में मिला। बताया जा रहा है कि इंजीनियर एक दिन पहले शुक्रवार शाम को घूमने के लिए घर से निकला था। इसके बाद से ही उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। फिलहाल इंजीनियरिंग करने के बाद युवक किसानी कर रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वारदात बालको थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, रजगामार चौकी क्षेत्र के करूमौहा गांव निवासी कुलदीप सिंह बंजारे (31) ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की थी। इसके बाद करीब 5 साल से वह गांव में ही रह कर खेती-बाड़ी कर रहा था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे वह कुछ देर घूम कर आने की बात कह कर घर से निकला था। इसके बाद नहीं लौटा। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ था। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला।

अगले दिन जंगल में मिला शव, कुछ महीने पहले हुई थी शादी
अगले दिन शनिवार को फिर परिजन उसकी तलाश में निकले। इस बीच करूमौहा के जंगल में शव पड़े होने की जानकारी पर पहुंचे तो देखा कि कुलदीप की खून से सनी लाश पड़ी थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कुलदीप के शरीर को धारदार हथियार से गोद दिया गया था। धारदार हथियार से गला, पेट, पैर गोद डाला गया। शव देखकर पुलिस आशंका जता रही है कि रंजिश के चलते मारा गया है। हालांकि परिजनों का कहना है कि वह किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। कुछ महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी।

कुएं में मिला ग्रामीण का शव
करूमौहा के पास ही जांच के दौरान पुलिस को पास के गांव बुंदेली में एक ग्रामीण का शव कुएं में मिला है। ग्रामीण की पहचान बुंदेली के ही नवाडीह के रहने वाले बलिराम मंझवार (45) के रूप में हुई है। पास का गांव होने के चलते हत्या को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। फिहालल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक हत्या को लेकर कोई जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है। फिर भी पुलिस इसे संदिग्ध मानकर जांच कर रही है।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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