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वन्दना हॉस्पिटल : डॉक्टर और भवन मालिक की लड़ाई में पुलिस और तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध डॉक्टर ने पत्रकार वार्ता में कही ये बात भवन मालिक और डॉ उइके की जालसाजी से परेशान हुए भर्ती मरीज

On: January 21, 2022 5:10 PM

बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) वंदना मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में डॉक्टरों की लड़ाई अब उलझती ही जा रही है,इस पूरे मामले में भवन मालिक और पार्टनरशिप के तीसरे डॉ उइके की भूमिका जालसाज़ी से कम नही लगता है और इस वर्चस्व की लड़ाई में अब राजनीति से लेकर प्रशासन भी इन्वाल्व हो चुका है नही तो इस केश में तहसीलदार का क्या काम पूरे घटना में तहसीलदार मोर लगातार मौजूद रहे है। ऒर तो और इन सबके बीच वहाँ भर्ती मरीज पीस रहे है। इस पर न प्रशासन ध्यान दे रही हैं और न ही आईएमए ।


बीते दिन हुए भवन मालिक से मारपीट के बाद डॉ विजय कुर्रे के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर दिया गया था जिसके बाद आज विजय कुर्रे और अन्य दो डॉक्टरों की टीम ने मिलकर पत्रकार वार्ता आयोजित की तथा पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ विजय कुर्रे ने बताया कि उनका और डॉक्टर राजेश्वरी उद्देश्य का एग्रीमेंट डॉ चंद्रशेखर उईके के साथ हुआ था।
एग्रीमेंट के हिसाब से वंदना हॉस्पिटल नाम से अस्पताल विगत दो वर्ष पूर्व शुरू किया गया था एग्रीमेंट के हिसाब से उस नाम से दोबारा दूसरा अस्पताल नहीं शुरू किया जा सकता था।


लेकिन पैसे की लालच में डॉक्टर चंद्रशेखर ने उसलापुर में न्यू वंदना नामक अस्पताल शुरू किया था जिसके बाद तीनों पार्टनरो के बीच आपसी दरार पैदा हो गई थी लेकिन इस बीच चंद्रशेखर उईके द्वारा फायदा उठाकर वर्तमान में संचालित वंदना हॉस्पिटल के भवन मालिक संजय जैन के साथ मिलकर एग्रीमेंट से पहले ही हॉस्पिटल खाली कराने की कोशिश की जा रही थी.. इसी बीच बीते दिन संजय जैन ने डॉ उइके से मिलीभगत करके अस्पताल पहुंचकर मेन गेट पर ताला लगा दिया था जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया था इधर विजय कुर्रे और डॉक्टर राजेश्वरी से एग्रीमेंट की बात करते हुए प्रशानिक हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षो से तालमेल बिठाने के बाद ताला खोल दिया था जिससे वहां भर्ती मरीजों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना ना करना पड़े लेकिन संजय जैन मौके पर पहुंच गया था और डॉ विजय कुर्रे को धमकी देने लगा था जिसके बाद फिर से जबरदस्ती ताला बंद किया गया इसी बीच वहां इलाज करा रहे मरीज के परिजनों के साथ संजय जैन की लड़ाई हो गई लेकिन इस लड़ाई का आरोप विजय कुर्रे के ऊपर डाल दिया जिसके बाद सिविल लाइन थाने में उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई.. हॉस्पिटल में बीते शाम जमकर विवाद हुआ जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस और सिविल लाइन सीएसपी मौके पर पहुंचे हुए थे और डॉ विजय कुर्रे पर दबाव बनाकर हॉस्पिटल में फिर से ताला लगा दिया डॉ विजय कुर्रे का पूरे मामले में कहना है कि उनके खिलाफ डॉक्टर चंद्रशेखर उईके और संजय जैन द्वारा रचा गया पूर्व सुनियोजित ढंग से सडयंत्र है। जबकि भवन के किराए को 5 साल के लिए अनुबंध किया गया था, लेकिन अब चंद्रशेखर उईके के प्रलोभन में आकर संजय जैन द्वारा डॉ. विजय कुर्रे और डॉक्टर राजेश्वरी उद्देश्य को हटाकर स्वामित्व स्थापित करने की कोशिश की जा रही है.. लेकिन इन सबके बीच वंदना हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि संजय जैन की जबरदस्ती के द्वारा मेन गेट पर ताला जड़ दिया गया है जिससे उन्हें आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और अगर इमरजेंसी की स्थिति पैदा होती है तो मरीजों की जान पर भी बन सकती है अब इस पूरे मामले में
लाभ -हानि इनका पर बेवजह वहाँ भर्ती मरीज और उनके परिजन परेशानियों का सामना कर रहे है जो कि न्यासंगत और अव्यवहारिक बात लगती है ,
बहराराल खबर लिखे जाने तक सिविल लाइन पुलिस की की भूमिका भी कम संदिग्ध नही है। आज जब आई जी बिलासपुर ने सिविल लाइन टीआई को निर्देशित किया कि डॉ विजय और डॉ उदेश्य की भी एफआईआर लिखी जाय तो टीआई ने आइजी की बात भी नही सुनी और एफआईआर नही लिखा गया। इस प्रकार एक तरफा कार्यवाही से पूरा हॉस्पिटल स्टाफ सहित डॉक्टर्स भी परेशान दिखे।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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