(.पुष्पेन्द्र श्रीवास.) कोरबा । एकलव्य आवासीय विद्यालय और खेल मैदान के लिए कटघोरा वन मंडल से छह हेक्टेयर जमीन आवंटित करने के मामले में कोरबा कलेक्टर और डीएफओ के बीच हुई तू तू मैं-मैं का मामला गर्मा गया है।वैसे पहले कटघोरा dfo विवाद से घिरी हुई है आए दिन कटघोरा dfo वन मडल के सामने लोग किसी न किसी वजह से धरना पर्दशन कर चुके है, वन मडल में भ्र्ष्टाचार चरम पर है।

दरअसल बीते 17 दिसंबर को कलेक्टर कार्यालय की ओर से कटघोरा वन मंडल की डीएफओ शमा फारूकी को पत्र लिखकर एकलव्य आवासीय विद्यालय, बालक छात्रावास, कन्या छात्रावास, जल आपूर्ति हेतु पाइप लाइन लगाने, खेल मैदान और आवासीय परिसर के लिए कुल छह हेक्टेयर जमीन आवंटित किए जाने की मांग की गई थी। डीएफओ ने नियमों का हवाला देते हुए जमीन देने से मना कर दिया, जिसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग में कलेक्टर और डीएफओ के बीच इस मसले पर बातचीत हुई। बताते हैं कि ऐसे ही एक मामले में सरगुजा में आवंटित किए गए जमीन का उदाहरण देकर अलग-अलग टुकड़ों में जमीन दिए जाने की बात कहीं गई, जिस पर डीएफओ ने पूर्व में जारी नियमों का हवाला देते हुए जमीन आवंटित किए जाने की अड़चनों का जिक्र किया।

बात यही बिगड़ी और कलेक्टर-डीएफओ के बीच तनातनी के हालात बन गए। बताया जा रहा है । एसडीओ के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एसडीओ की रिपोर्ट के आधार पर जमीन नहीं दिए जाने का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर ने डीएफओ से यह तक कह दिया कि इस मामले में उनकी बात ऊपर उच्च अधिकारियों से हो चुकी है। बावजूद इसके डीएफओ नियमों के हवाले से टस से मस नहीं हुई।

इस के बाद डीएफओ अपनी सफाई में वन मंत्री से मुलाकात कर पूरी घटना का ब्यौरा दिया है। इस बीच वन महकमे की ओर से लैंड मैनेजमेंट संभाल रहे अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील मिश्रा ने नया निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि एक हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि का आवंटन ना किया जाए।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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