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भूपेश है तो भरोसा है चरितार्थ हुवा रमन राज में कुपोषित 9 लाख 40 हजार बच्चो में से 68000 हजार बच्चे कुपोषण से बाहर हुए

On: January 10, 2021 2:55 PM

रायपुर (वायरलेस न्यूज़ 10/01/21) छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने भाजपा पर हमलावर होते हुवे कहा कि रमन राज में कुपोषित 9 लाख 40 हजार से अधिक बच्चो को सुपोषित करने का भागीरथी कार्य किया जा रहा है।राज्य सरकार द्वारा जारी किये गये रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है कि प्रदेश में सितंबर 2019 के बाद लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस सरकार के द्वारा 0 से 5 साल के बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया गया था और जिसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार कर रहे थे पूर्वर्ती रमन सरकार के समय से प्रदेश में कुल 9 लाख 40 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण के शिकार थे जिनमें से 68000 से अधिक बच्चों को कुपोषण से मुक्ति भूपेश सरकार ने कराया है आम जनमानस के बीच जो नारा गूंज रहा है की “भूपेश है तो भरोसा है” इस को चरितार्थ इस अभियान के द्वारा किया जा रहा है।प्रदेश की गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को पोषण युक्त आहार देने का काम प्रदेश सरकार ने प्रारंभ किया और महिला बाल विकास विभाग एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से प्रदेश भर के 5 लाख 40 हजार बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण युक्त आहार देना प्रारंभ किया गया इसका भी विरोध प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी के नेता करते रहे थे बावजूद उसके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अडिग रहे और उनके ही संकल्प से कुछ ही महीनों में 68000 से अधिक बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिल गया।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा की 15 सालों से भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववर्ती रमन सरकार इस प्रदेश के नवजात बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के आहार पर भी डाका डालने का काम किया करती थी जिसके कारण भाजपा के नेता उनका वजन टनों में हुआ करता था और नवजात बच्चों का कुछ ग्राम होता था जिसके कारण वह कुपोषित होते थे।कमीशनखोरी के नाम से कुख्यात पूर्ववर्ती रमन सरकार ने भ्रष्टाचार के अंधे लालच की भट्टी में प्रदेश के गर्भवती महिलाओं और पेट पर पलने वाले बच्चों को झोंक दिया था पूर्ववर्ती रमन सरकार के नेताओं के द्वारा गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के पोषण आहार में भी डाका डाला जाता था।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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