बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) याचिकाकर्ता सुशांत शुक्ला की तरफ से अधिवक्ता रोहित शर्मा एवं याचिकाकर्ता नवीन मार्कंडेय की ओर से अधिवक्ता हिमांशु पांडे ने माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत जनहित याचिका पर बहस की।
उक्त याचिका मे राज्य शासन द्वारा जारी भूमि आवंटन आदेश को चुनौती दी गई है।
पूर्व में हुई सुनवाई के पश्चात आज सुनवाई करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी एवं माननीय न्यायाधीश आर सी एस सामंत की पीठ ने राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा विभाग के सचिव को उक्त विषय पर शपथ पत्र प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया है। साथ ही जिन जिन व्यक्तियों को उक्त आदेश के परिपालन में भूमि आवंटित की गई है, उनका नाम पता आदि की जानकारी एफिडेविट के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया है।
उक्त मामले को विभिन्न समाचार पत्रों ने, बेशकीमती जमीनों को आवंटित करने की खबर प्रमुखता से उठाई थी।
याचिकाकर्ता सुशांत शुक्ला ने कहा कि उक्त आदेश से पारदर्शिता आएगी वह याचिका में प्रस्तुत आशंका की भूमि किन व्यक्तियों को आवंटित की गई है इस पर से भी परत उठेगी। याचिका में गरीब पिछड़ों के हित हेतु भूमि सुरक्षित रखने की भी बात उठाई गई।
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