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ई-कॉमर्स में नकली माल की बिक्री की दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद, कैट ने सरकार से कार्रवाई की मांग की

On: May 13, 2022 7:27 AM

(वायरलेस न्यूज़ नेटवर्क)

दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी जिसमें कहा गया है की नकली उत्पादों की बिक्री इंटरनेट पर बहुत हो गई है ने कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के उस लंबे स्टैंड ने पुष्टि की है कि ई-कॉमर्स पोर्टलों का उपयोग नकली सामान, प्रतिबंधित दवाओं, बम बनाने में प्रयुक्त कच्चे माल की बिक्री के लिया किया जा रहा है जो न केवल देश की सुरक्षा के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है बल्कि नकली उत्पादों को वितरित करके ग्राहकों को गंभीर चोट पहुंचा सकता है। कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल, जो उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं, से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेने और कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कैट ने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह द्वारा पारित आदेश पर दोनों मंत्रालयों में एक गंभीर लेकिन जल्द से जल्द गहन चर्चा का आह्वान किया है।

कैट के राष्ट्रीय वाईस चैयरमैन श्री ब्रिज मोहन अग्रवाल, अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि भारत में संचालित प्रमुख विदेशी वित्त पोषित ई-कॉमर्स पोर्टल विक्रेताओं की आवश्यक केवाईसी नहीं कर रहे हैं, हालांकि वे अपने संबंधित प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग से पहले प्रत्येक विक्रेता की केवाईसी करने के लिए बाध्य हैं। जब भी, वे कानून, नियमों और नीतियों का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाते हैं, तो वे हमेशा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 का आश्रय लेते हुए विक्रेता पर इसका आरोप जड़ते देते हैं यह कहते हुए कि वे तो केवल मार्केटप्लेस हैं और खरीदारों और विक्रेताओं को प्रौद्योगिकी मंच प्रदान करते हैं जो स्पष्ट रूप से झूठ है क्योंकि उनके संबंधित पोर्टलों पर ऑर्डर इन पोर्टलों तक पहुंच जाते हैं, जिनके पास यह तय करने का वीटो होता है कि आपूर्ति के लिए ऑर्डर किसके पास भेजा जाना चाहिए। वे ऐसा कैसे कह सकते हैं कि उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाले लेन-देन के बारे में कुछ भी पता नहीं है जबकि वे न केवल ऑर्डर एवं पैकिंग बल्कि माल की डेलिवेरी भी करते हैं । इसके अलावा, कमीशन के रूप में कुछ राशि लेकर, वे बिक्री तंत्र का अभिन्न अंग बन जाते हैं और इसलिए वे किसी भी उत्पाद के लिए उपभोक्ताओं के प्रति दायित्व से बच नहीं सकते।

श्री अग्रवाल, श्री भरतिया और श्री खंडेलवाल ने ई-कॉमर्स नीति, उपभोक्ता मामलों के तहत ई-कॉमर्स नियमों और ई-कॉमर्स नीति में एफडीआई के तहत एक नए प्रेस नोट के साथ मिलकर एक अधिकार प्राप्त नियामक प्राधिकरण की स्थापना की अपनी मांग दोहराई है । उपरोक्त जानकारी हीरा लाल लोकचंदानी चेयरमैन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ओड़िसा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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